मां विंध्यवासिनी की तर्ज पर भव्य बनेगा जौनपुर का शीतला धाम चौकिया

मां विंध्यवासिनी की तर्ज पर भव्य बनेगा जौनपुर का शीतला धाम चौकिया

6 करोड़ से शुरू होगा कायाकल्प

जौनपुर। पूर्वांचल की आस्था का प्रमुख केंद्र मां शीतला धाम चौकिया अब मां विंध्यवासिनी धाम और काशी विश्वनाथ की तर्ज पर नव्य-भव्य स्वरूप में नजर आएगा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा धाम के सुंदरीकरण, पर्यटन विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कुछ स्रोतों के अनुसार यह राशि 6.45 करोड़ तक बताई जा रही है। इसी महीने से निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है।

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जिला प्रशासन की टीम ने हाल ही में धाम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और सर्वे के आधार पर डिजाइन फाइनल कर लिया गया है। विकास कार्य भविष्य की बढ़ती श्रद्धालु संख्या और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा, जिसमें भव्यता, स्वच्छता और आसान पहुंच पर विशेष जोर रहेगा।

मुख्य द्वार को आकर्षक नए लुक में तैयार किया जाएगा। मुख्य हिस्से में दोनों ओर मां शीतला की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई जाएंगी। प्रवेश द्वार पर छोटी-छोटी माता रानी की तस्वीरें और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित होगी। आसपास के पुराने हॉल को तोड़कर नए, सुंदर और आधुनिक हॉल बनाए जाएंगे, ताकि धाम के सामने से पूर्ण भव्य दृश्य दिखाई दे। मंदिर के पीछे कुंड में दो नए फव्वारे लगाए जाएंगे और मौजूदा फव्वारों की मरम्मत होगी। ग्रेनाइट की जगह आकर्षक स्टोन सेटिंग का उपयोग किया जाएगा, जिससे दीवारें, फर्श और पूरा परिसर अधिक सुंदर बनेगा। जगह-जगह कूड़ेदान, साइनेज और अन्य स्वच्छता सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। मुख्य प्रवेश द्वार का जीर्णोद्धार होगा और दो नए प्रवेश द्वार बनेंगे—एक शाहगंज मार्ग पर तथा दूसरा पचहटिया रोड से आने वाले रास्ते पर। विकास के दौरान अनावश्यक तोड़फोड़ से बचा जाएगा और पर्यटन को बढ़ावा देने पर पूरा फोकस रहेगा।

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मान्यता है कि चौकिया धाम में मां शीतला के दर्शन के बाद ही विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी कारण जौनपुर के अलावा आजमगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल के श्रद्धालु यहां मत्था टेकने आते हैं। सोमवार और शुक्रवार को यहां भारी भीड़ रहती है, जबकि सामान्य दिनों में भी औसतन 10 हजार भक्त दर्शन करते हैं। नवरात्रि के दौरान तो यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां कढ़ाई चढ़ाने और हलवा-पूड़ी अर्पण करने की सदियों पुरानी परंपरा है।

यह विकास परियोजना धाम की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देगी। श्रद्धालुओं के लिए यह खुशी की बात है कि उनका प्रिय धाम अब और अधिक भव्य, सुविधासंपन्न और आकर्षक बनेगा।

Shiv murti

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