बीएचयू : छात्रों का धरना, प्रशासन से सुधार की मांग
वाराणसी (जनवार्ता): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार दोपहर छात्रों ने धरना देकर सेंट्रल हिंदू स्कूल की प्रवेश प्रक्रिया में तत्काल सुधार की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन प्राक्टर कर्मियों ने उन्हें परिसर से बाहर कर दिया। बाहर निकलते समय छात्रों और कर्मियों के बीच मामूली झड़प हुई। प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों को सुनने का आश्वासन दिया।

छात्रों की मुख्य मांग कक्षा-9 में लड़कियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने की है। उनका आरोप है कि सेंट्रल हिंदू गर्ल्स स्कूल में कक्षा-9 के लिए बुलेटिन के अनुसार कोई सीट नहीं बताई गई है, जबकि सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल में कक्षा-9 के लिए 76 सीटें उपलब्ध हैं। छात्रों का कहना है कि इससे मेधावी छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के आधार पर अवसर से वंचित किया जा रहा है, जो विश्वविद्यालय की गरिमा पर आघात है। उन्होंने अतिरिक्त सेक्शन खोलने की मांग की ताकि अधिक छात्राओं को मेरिट के आधार पर प्रवेश मिल सके।
इसके अलावा, छात्रों ने कक्षा-6 की प्रवेश प्रक्रिया पर चर्चा की मांग की, जो कोरोना काल से प्रभावित रही है और समय पर उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कक्षाओं के लिए हॉस्टल आवंटन की सीटों की स्पष्ट जानकारी बुलेटिन में शामिल की जाए, ताकि अभिभावक अपनी योजनाएं बेहतर तरीके से बना सकें।
यह प्रदर्शन स्कूल एंट्रेंस टेस्ट के संदर्भ में है, जो जल्द शुरू होने वाला है। छात्रों ने जोर दिया कि शिक्षा का अधिकार सभी का है और विश्वविद्यालय को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान देना चाहिए। प्रशासन से जल्द कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

