वाराणसी पुलिस ने होली और रमजान के लिए जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं
वाराणसी (जनवार्ता) । होली, होलिका दहन और आगामी रमजान जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से मनाने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सभी जोनल अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और अन्य प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

कमिश्नर ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। होली जुलूस, मटका फोड़, हांडी फोड़, होलिका दहन और रमजान से जुड़े सभी कार्यक्रम केवल परंपरागत और पहले से निर्धारित स्थानों पर ही आयोजित किए जा सकेंगे। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और स्थानीय संभ्रांत नागरिकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर संभावित विवादों को पहले ही सुलझा लिया जाएगा।
ध्वनि प्रदूषण पर कड़ा नियंत्रण लागू किया गया है। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। डीजे और अन्य ध्वनि उपकरणों के लिए रात्रि 10 बजे के बाद पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा, जिसका उल्लंघन करने पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। डीजे संचालकों को ध्वनि मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा।
सार्वजनिक मार्गों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। जुलूसों के दौरान रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। यातायात के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी को सुनिश्चित किया जाएगा।
बारात और मैरिज लॉन से जुड़े नियमों में भी सख्ती बरती जाएगी। बारात निकालते समय सड़क का दो-तिहाई हिस्सा यातायात के लिए और एक-तिहाई हिस्सा बारात के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। रात 10 बजे के बाद डीजे पूरी तरह बंद रहेगा। मैरिज लॉन संचालकों को पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करनी अनिवार्य होगी, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों में लंबित विवेचनाओं को अधिकतम 60 दिनों में निस्तारित करने का आदेश दिया गया है, जिसके लिए इससे अधिक समय लेने पर अपर पुलिस आयुक्त की अनुमति जरूरी होगी। महिला संबंधी किसी भी शिकायत पर तुरंत एफआईआर या गुमशुदगी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है और लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साइबर अपराध, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और अतिक्रमण पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे। यक्ष एप, ई-समन और साक्ष्य एप का प्रभावी उपयोग अनिवार्य होगा। कोचिंग, हॉस्टल और स्कूलों के आसपास छेड़खानी रोकने के लिए मिशन शक्ति और सीसीटीवी अभियान को तेज किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि सभी पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न हों।

