एपेक्स अस्पताल प्रबंधक संतोष सिंह व डॉक्टर पर एफआईआर
वाराणसी में इलाज के दौरान सेवानिवृत्त जवान की मौत का मामला,अदालत के आदेश पर मुकदमा

वाराणसी (जनवार्ता)। इलाज के दौरान लापरवाही से सेवानिवृत्त जवान की मौत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पश्चिम) अपर्णा पवार की अदालत ने चितईपुर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल के प्रबंधक संतोष सिंह और संबंधित चिकित्सक डॉ. अनुराग दीक्षित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
मामला आजमगढ़ निवासी वादी अमित कुमार सिंह से जुड़ा है। उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके भाई, आईटीबीपी से सेवानिवृत्त जवान सुजीत कुमार सिंह को पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) में पथरी की समस्या थी। इसके इलाज के लिए उन्हें चितईपुर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
23 अप्रैल 2025 को डॉ. अनुराग दीक्षित ने उनका ऑपरेशन किया।आरोप है कि ऑपरेशन के बाद सुजीत कुमार सिंह की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। घर लौटने के बाद तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीरता से इलाज न करते हुए उन्हें बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
बाद में उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 10 मई 2025 को उनकी मृत्यु हो गई।वादी का कहना है कि एपेक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा की गई लापरवाही के कारण ही उनके भाई की जान गई।
इस संबंध में उन्होंने पहले थाने से लेकर पुलिस के उच्च अधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सीएमओ वाराणसी को मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया था। मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट में भी इलाज में लापरवाही पाए जाने की पुष्टि हुई।
अदालत ने पत्रावली के अवलोकन के बाद माना कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है।इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चितईपुर थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वादी के आवेदन पर रिपोर्ट दर्ज कर विधिक विवेचना की जाए। अदालत के आदेश के बाद अब अस्पताल प्रबंधक और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

