बागेश्वर बाबा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गोरक्षा अभियान पर किया खुला समर्थन

बागेश्वर बाबा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का गोरक्षा अभियान पर किया खुला समर्थन

यूजीसी कानून पर फिर विचार की  मांग 

वाराणसी  (जनवर्ता): बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) शुक्रवार को अपनी मां के साथ काशी पहुंचे और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए। विश्व में मंडराते युद्ध के संकट के बीच उन्होंने सनातन धर्म को शांति का एकमात्र मार्ग बताया। 

rajeshswari

धीरेंद्र शास्त्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “ट्रंप भरोसेमंद इंसान नहीं हैं। वे सुबह कुछ बोलते हैं और शाम को कुछ और। ऐसे व्यक्ति पर कभी विश्वास नहीं किया जा सकता। उनकी टैरिफ वॉर जैसी नीतियों ने दुनिया में अशांति फैलाई है। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्धों का समाधान भी सनातन के रास्ते पर ही संभव है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ही वह जगह है जहां से सनातन की गूंज से पूरे विश्व में शांति का रास्ता निकलेगा। 

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के गोरक्षा अभियान पर उन्होंने खुलकर समर्थन जताया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम सभी संतों के प्रत्येक अभियान से जुड़े हैं। जो भी संत सनातन, गौमाता, गीता, गंगा, गोविंद और गोपाल के लिए कार्य कर रहे हैं, हम उनके दास हैं और उनके साथ मिलकर काम करते रहेंगे।” 

यूजीसी कानून को लेकर उन्होंने चिंता जताई और अपील की, “हम जोड़ना चाहते हैं, तोड़ना नहीं। हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि यूजीसी के लिए फिर से विचार किया जाए। देश में खाई और दीवार न बनाई जाए। एकता के सूत्र में सबको पिरोया जाए, ताकि भारत भव्य, दिव्य और नव्य बने तथा विश्वगुरु का दर्जा प्राप्त करे।” 

इसे भी पढ़े   मोबाइल,चमड़ा,ज्वैलरी पार्ट्स होंगे सस्ते,बजट में आम आदमी की मौज,सरकार ने ड्यूटी…

इसके अलावा, उन्होंने बताया कि वे एक महीने के लिए सार्वजनिक संपर्क से दूर रहेंगे। मई में बद्रीनाथ के बर्फीले पहाड़ों पर साधना करेंगे, जहां कोई नेटवर्क नहीं होगा, न धाम पर उपस्थिति रहेगी और न ही कोई कथा या दिव्य दरबार होगा। उन्होंने कहा, “इस मोड़ पर आत्म-साधना बहुत जरूरी है। बहकाने वाले नए रास्ते आते हैं, इसलिए तप और साधना आवश्यक है।”

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *