गौमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, असि घाट पर सामूहिक शंखनाद
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश सरकार से गौमाता को राज्यमाता घोषित करने और प्रदेश में पूर्ण रूप से गोकशी पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर बुधवार को असि घाट पर दर्जनों गौभक्तों ने सामूहिक शंखनाद किया। यह कार्यक्रम ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा लखनऊ में किए जा रहे ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ के समर्थन में आयोजित किया गया।


जिसमें गौभक्तों ने शंखनाद कर गौसंरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान मौके पर एक गाय के पहुंचने को श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद के रूप में देखा। इस दौरान शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आत्मा हैं और उनके संरक्षण के लिए शंकराचार्य देशव्यापी आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं है, बल्कि जो भी दल गौसंरक्षण का संकल्प लेगा, उसे शंकराचार्य का समर्थन और आशीर्वाद मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गौसंरक्षण की मांग उठाने वालों पर अनावश्यक आरोप लगाए जा रहे हैं और उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक गौमाता को राष्ट्रमाता और प्रदेशों में राज्यमाता का दर्जा नहीं मिल जाता। इस अवसर पर महामृत्युंजय मंदिर के महंत किशन दक्षिण, कांग्रेस नगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे,राकेश पाण्डेय,सरदार सतनाम सिंह,अरुण सोनी,सुनील श्रीवास्तव,प्रमोद वर्मा,सदानंद तिवारी,संतोष चौरसिया,पुलक त्रिपाठी,हिमांशु सिंह,किशन यादव,के.के. द्विवेदी,शशिकांत यादव सहित कई सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

