आरएसएस काशी प्रांत में होंगे दो सम्भाग : काशी और प्रयागराज में बंटेगा प्रांत

आरएसएस काशी प्रांत में होंगे दो सम्भाग : काशी और प्रयागराज में बंटेगा प्रांत

वाराणसी (जनवार्ता)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष में देशव्यापी विस्तार कर रहा है। संघ ने घर-घर संपर्क अभियान के तहत 31 लाख से अधिक घरों में पहुंच बनाई है। साथ ही, शाखाओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

rajeshswari

काशी प्रांत के प्रांत कार्यवाह मुरली पाल एवं प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. मुरार जी त्रिपाठी ने मंगलवार को लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र के माधव सभागार में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष में संघ ने 2102 हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए और 31,98,841 घरों में स्वयंसेवकों के माध्यम से संपर्क स्थापित किया। अभियान के दौरान 2 लाख से अधिक संघ साहित्य की बिक्री हुई। इसके लिए 16,512 टोलियों का गठन किया गया।

युवा कार्यक्रम संगठन योजना के तहत 27 जिलों के 269 स्थानों पर 560 युवा सम्मेलन आयोजित हुए, जिनमें कुल 53,032 विद्यार्थी एवं 20,342 व्यावसायी शामिल हुए।

प्रांत में 240 स्थानों पर सद्भाव बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 14,434 पुरुष और 2,025 महिलाएं सहित कुल 16,459 लोग शामिल हुए।

हरियाणा के समालखा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के प्रस्तावों की जानकारी देते हुए मुरली पाल ने बताया कि देश में पिछले वर्ष 83,129 शाखाएं थीं, जो अब लगभग 6 हजार की बढ़ोतरी के साथ 88,949 हो गई हैं। काशी प्रांत में गत वर्ष 2,851 शाखाएं थीं, जिनमें 116 की वृद्धि हुई है और अब कुल 2,967 शाखाएं संचालित हो रही हैं। प्रांत के सभी 155 खंडों और 115 नगरों में संघ कार्य सक्रिय है।

वर्ष 2027 से देश में 46 प्रांतों की जगह 85 सम्भाग अस्तित्व में आएंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एक क्षेत्र के रूप में रहेंगे। वर्तमान काशी प्रांत (27 जिलों वाला) को दो सम्भागों- काशी और प्रयागराज में विभाजित किया जाएगा।

इसे भी पढ़े   गोरखपुर : तीन लाख रुपये के लिए भाई ने की बहन की हत्या, शव बोरे में भरकर फेंका गन्ने के खेत में

काशी की धरती पर अवतरित संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष पर संघ आगामी वर्ष में व्यापक कार्यक्रम आयोजित करेगा।

पदाधिकारियों ने कहा कि वैचारिक स्पष्टता, सुसंगत व्यवहार और कार्यपद्धति के बल पर संघ समाज के हर वर्ग तक पहुंच बना रहा है। शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन, समाज जागरण और संगठन विस्तार के अभियान सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *