दशाश्वमेध घाट: नव संवत्सर पर किया गया महायज्ञ,हवन एवं वैदिक अनुष्ठान
-कार्यक्रम का उद्देश्य,विश्व शांति की कामना
वाराणसी (जनवार्ता)। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (नव संवत्सर) के पावन अवसर पर काशी के दशाश्वमेध घाट पर विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की कामना के साथ विशेष महायज्ञ, हवन एवं वैदिक अनुष्ठान का आयोजन गुरुवार को किया गया।


यह आयोजन गंगोत्री सेवा समिति एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। जिसमें प्रातःकाल भगवान भास्कर के उदय के साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सूर्य देव एवं मां गंगा की आरती उतारी गई। इसमें ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ विश्व कल्याण, सुख-शांति और आध्यात्मिक जागृति के लिए विशेष हवन, अनुष्ठान के माध्यम से वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, संघर्ष और अशांति के बीच प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया गया। इस अवसर पर समिति के सचिव पं. दिनेश शंकर दुबे, नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, सिद्ध पीठ शीतला मंदिर के उपमहंत अवशेष पाण्डेय (कल्लू ),गंगेश्वरधर दुबे, मयंक दुबे, गंगा आरती अर्चकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।

