अस्सी घाट पर गंगा आरती में अवैध वसूली, पुलिस ने शुरू की जांच
वाराणसी (जनवार्ता) । गुरुवार को महाराष्ट्र से आए कुछ सैलानी अस्सी घाट पहुंचे थे। उनसे आरती देखने के लिए कुर्सी के नाम पर पैसे मांगे गए। आरोप है कि पैसे न देने पर उन्हें आरती देखने से रोका गया और कुछ मामलों में दुर्व्यवहार भी किया गया। एक बुजुर्ग पर्यटक ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि घाट पर कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे की मांग कर रहे हैं और मना करने पर अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।
वाराणसी के एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “वसूली में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस वीडियो की सत्यता की भी पुष्टि कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्सी घाट पर यह अवैध वसूली नई नहीं है। रोजाना आरती के नाम पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों से पैसे वसूले जाते रहे हैं। लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने से मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
इस घटना ने वाराणसी की धार्मिक छवि को प्रभावित किया है। गंगा आरती, जो काशी की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, अब वसूली के विवाद में घिर गई है। श्रद्धालु मानते हैं कि ऐसे काम उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के गंगा आरती में शामिल हो सकें।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि धार्मिक स्थलों पर आस्था का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्व अवैध वसूली का खेल खेल रहे हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों पर सतर्क नजर रखने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि वाराणसी की पवित्र छवि बनी रहे।

