लखनऊ : युवकों ने की किशोरी से सामूहिक दरिंदगीआंधी-बारिश से बचने रुकी मासूम
लखनऊ (जनवार्ता ): राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में एक निर्माणाधीन मकान में 13 वर्षीय किशोरी के साथ बर्बर सामूहिक दुष्कर्म का जघन्य मामला सामने आया है। आंधी-बारिश से बचने के लिए वहाँ रुकी नाबालिग लड़की को पाँच युवकों ने दबोच लिया। विरोध करने पर उसके हाथ-पैर बाँध दिए, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और क्रूरता से पीटा गया।

पीड़ित किशोरी कन्नौज जिले की रहने वाली है। उसके पिता राजमिस्त्री और माँ घरों में काम करती हैं। मंगलवार रात माँ की तबीयत खराब होने के कारण किशोरी काम पर गई थी। लौटते समय अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। बचने के लिए वह रास्ते में एक अधबने मकान में शरण ले ली।
इसी दौरान स्थानीय 17 वर्षीय एक किशोर अपने चार साथियों के साथ वहाँ पहुँच गया। आरोपियों ने अकेली किशोरी को देखकर छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब लड़की ने विरोध किया तो दरिंदों ने उसे बुरी तरह पीटा, हाथ-पैर बाँध दिए और चीख न निकले, इसलिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। मुख्य आरोपी 17 वर्षीय किशोर ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब किशोरी देर तक घर नहीं लौटी तो परिजन उसकी तलाश में निकले। निर्माणाधीन मकान के पास पहुँचकर उन्होंने आवाज दी तो अंदर हलचल मच गई। पकड़े जाने के डर से पाँचों आरोपी दूसरी मंजिल की छत से कूदकर भागने लगे। कूदने के दौरान दो आरोपी घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। बाकी आरोपियों को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों ने अंदर जाकर देखा कि किशोरी अर्धनग्न और बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी। लोगों ने तुरंत उसके हाथ-पैर खोले और मुंह से कपड़ा निकाला।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर मुख्य आरोपी 17 वर्षीय किशोर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी पाँच आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनकी भूमिका की गहन छानबीन की जा रही है। पीड़ित किशोरी को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।

