बीएचयू में डिजिटल क्रांति: सभी विद्यार्थियों को मिलेगा आधिकारिक यूनिवर्सिटी ई-मेल
वाराणसी, ( जनवार्ता)।काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने विद्यार्थियों के लिए एक अहम डिजिटल पहल की शुरुआत की है। अब विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों को bhu.ac.in डोमेन पर आधिकारिक ई-मेल आईडी आवंटित की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विश्वविद्यालय के भीतर संवाद को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।

अब तक यह सुविधा केवल संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और पीएचडी शोधार्थियों तक सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद लगभग 18 से 20 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे संस्थागत संवाद अधिक प्रामाणिक होगा और फर्जी पहचान या प्रतिरूपण जैसी संभावनाओं पर रोक लगेगी।
विश्वविद्यालय डोमेन पर मिलने वाली ई-मेल आईडी विद्यार्थियों को एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान प्रदान करेगी। इसके माध्यम से स्नातक, परास्नातक, विज्ञान, कला और मानविकी जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों के आधार पर समूह बनाकर लक्षित संवाद किया जा सकेगा। इससे समय और दूरी की बाधाएँ समाप्त होंगी तथा 24 घंटे संस्थागत संचार सुनिश्चित हो सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय की सभी महत्वपूर्ण सूचनाएँ, शैक्षणिक अपडेट, प्रशासनिक आदेश और आवश्यक निर्देश सीधे विद्यार्थियों की बीएचयू ई-मेल आईडी पर भेजे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और कई विषयों का निस्तारण ऑनलाइन ही संभव होगा।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को शिक्षकों, विभागों और विश्वविद्यालय प्रशासन से अधिक निकटता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय की नीतियों और निर्णयों से समय पर अवगत रहना आवश्यक है, वहीं संकाय सदस्यों के लिए भी विद्यार्थियों की समस्याओं की जानकारी सहज रूप से मिल सकेगी।
कंप्यूटर सेंटर के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि बीएचयू देश के चुनिंदा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है, जो अपने सभी विद्यार्थियों को यह सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इससे विद्यार्थियों, संकाय और प्रशासन के बीच संवाद अधिक प्रभावी होगा तथा उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि ई-मेल आईडी विद्यार्थियों के समर्थ पोर्टल पर उपलब्ध विवरणों के आधार पर तैयार की जाएंगी। पूरी तकनीकी प्रक्रिया की निगरानी कंप्यूटर सेंटर करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने अतिरिक्त गूगल वर्कस्पेस लाइसेंस और क्लाउड स्टोरेज की भी व्यवस्था की है। साथ ही विद्यार्थियों को व्यक्तिगत ई-मेल सेवाओं की तुलना में बेहतर सुरक्षा और उन्नत स्पैम सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

