असम में बयानबाजी पर बढ़ा सियासी ताप, भाजपा अध्यक्ष बोले— राजनीति में शब्दों की मर्यादा जरूरी

असम में बयानबाजी पर बढ़ा सियासी ताप, भाजपा अध्यक्ष बोले— राजनीति में शब्दों की मर्यादा जरूरी

गुवाहाटी (जनवार्ता) । असम में विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। हाल के दिनों में दोनों दलों के नेताओं की ओर से व्यक्तिगत टिप्पणियों और तीखे शब्दों का इस्तेमाल चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि राजनीति में किसी भी परिस्थिति में शब्दों की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में नितिन नवीन ने कहा कि लोकतंत्र में मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, खासकर जब मामला राष्ट्रीय हित से जुड़ा हो। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और शब्दों की गरिमा से बाहर जाकर की गई टिप्पणियां स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के अनुकूल नहीं हैं।

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उन्होंने कांग्रेस की ओर से हाल में उठाए गए पासपोर्ट और नाम को लेकर शब्दों के खेल वाले विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि आने वाले समय में इस पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
इस दौरान नितिन नवीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें “जहरीले सांप” का उल्लेख करते हुए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा गया था। भाजपा ने इस बयान को लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादा के खिलाफ बताया है।

असम चुनाव के बीच नेताओं की इस तीखी जुबानी जंग ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में मुद्दों पर केंद्रित संवाद ही लोकतंत्र को मजबूत करता है, जबकि व्यक्तिगत कटाक्ष राजनीतिक विमर्श का स्तर गिराते हैं।

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Shiv murti

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