लेंसकार्ट पर धार्मिक भेदभाव के आरोप, सोशल मीडिया पर गरमाया मामला
अहमदाबाद (जनवार्ता)। आईवियर कंपनी Lenskart एक नए विवाद में घिर गई है। कंपनी के एक कथित पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि धार्मिक प्रतीकों को हटाने से इनकार करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
खुद को कंपनी का पूर्व कर्मचारी बताने वाले युवक जील सोगसिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि कंपनी की ओर से उन पर शिखा कटवाने, ‘ॐ’ का टैटू हटाने और तिलक न लगाने का दबाव बनाया गया। युवक के अनुसार, इन निर्देशों का पालन करने से मना करने पर उसे नौकरी से हटा दिया गया।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी के ड्रेस कोड को लेकर पहले से ही बहस जारी है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया और लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
इस बीच, Anand Ranganathan ने भी इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए कंपनी प्रबंधन पर सवाल उठाए और Peyush Bansal को टैग करते हुए संबंधित युवक को दोबारा नौकरी पर रखने की मांग की।
हालांकि, अब तक Lenskart की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस घटना के बाद धार्मिक स्वतंत्रता और कॉर्पोरेट ड्रेस कोड को लेकर बहस तेज हो गई है।

