बलिया में टीकाकरण टीम पहुंची तो स्कूल में मची अफरा-तफरी, अफवाह से भड़का हंगामा
बांसडीह (बलिया) (जनवार्ता)। सोमवार: प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्वास्थ्य विभाग की टीकाकरण टीम स्कूल पहुंची। इंजेक्शन के डर से कई बच्चे घबराकर अपने बैग उठाकर स्कूल से भागने लगे। बच्चों के अचानक भागने की खबर गांव में तेजी से फैली, जिससे अभिभावकों में दहशत और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए और टीकाकरण का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे। स्थिति को संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम और विद्यालय प्रशासन ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभिभावक नहीं माने और बच्चों को अपने साथ घर ले गए।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे एएनएम कंचन यादव और सुनीता वर्मा की टीम डीपीटी टीकाकरण के लिए स्कूल पहुंची थी। पंजीकरण शुरू होते ही बच्चों में डर फैल गया और कई बच्चे स्कूल से बाहर निकल गए, जिसके बाद अफवाहों का दौर शुरू हो गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रणय कुणाल सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर 30 अप्रैल तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कक्षा एक के बच्चों (5–6 वर्ष) को डीपीटी का दूसरा बूस्टर और 10 व 16 वर्ष के किशोरों को टीडी का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टीके डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए पूरी तरह सुरक्षित और आवश्यक हैं।
ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर अभिषेक सिंह और प्रभारी प्रधानाचार्य वीरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि बच्चों के अचानक भागने से अभिभावकों में भ्रम फैल गया, जिससे विरोध की स्थिति बनी। अब अभिभावकों को जागरूक कर शेष बच्चों का टीकाकरण पूरा कराया जाएगा।
घटना के बाद काफी देर तक विद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

