वाराणसी : कांजी हाउस से हो रही पशुओं की तस्करी, राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी ने की शिकायत
वाराणसी (जनवार्ता)। नक्खीघाट इलाके में स्थित नगर निगम के कांजी हाउस में गौवंशों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के जनपद वाराणसी जिलाध्यक्ष अबू हुरैरा उर्फ जहीर बाबा ने आरोप लगाया है कि 12-13 अप्रैल की रात्रि में कांजी हाउस से लगभग 7-8 बछड़ों को नगर निगम के पशु सचल दस्ते के वाहन से अवैध रूप से निकाला गया।

जहीर बाबा ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन चालक सतीश कुमार, मुंशी कैलाश पाण्डेय और रात्रि कर्मचारी रमेश द्वारा इन बछड़ों को पशु चिकित्सक डॉ. संतोष पाल के कहने पर कांजी हाउस से बाहर निकालकर बाबतपुर के आगे किसी सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। जब जहीर बाबा ने फोन पर वाहन चालक सतीश कुमार से इसकी जानकारी ली, तो पहले तो उन्होंने टालमटोल किया, लेकिन बाद में पूरे घटनाक्रम को स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह भी बताया कि डॉ. संतोष पाल के निर्देश पर ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, जिसके साक्ष्य उनके पास सुरक्षित हैं।
जहीर बाबा ने आशंका जताते हुए कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन निराधार पशुओं को पशु तस्करों के हवाले कर दिया गया है। गौ माता की रक्षा के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं, लेकिन नगर निगम की इस लापरवाही से गौवंशों की जान खतरे में पड़ रही है।”
राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष अबू हुरैरा उर्फ जहीर बाबा ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत करते हुए विपक्षियों (नगर निगम कर्मचारियों और डॉ. संतोष पाल) पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्याय हो और ऐसे दोषियों को सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में गौवंशों के साथ इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
हाल ही में वाराणसी के कांजी हाउस (ऐढ़े गांव स्थित) में गोवंशों की देखभाल में लापरवाही का मामला वायरल वीडियो के रूप में सामने आया था, जिसमें मृत बछड़े को कुत्ते नोचते दिखे थे। उसके बाद नगर निगम ने कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की थी। इस नए मामले ने गौ रक्षा कार्यकर्ताओं में फिर से आक्रोश पैदा कर दिया है।
जहीर बाबा जैसे समर्पित गौ रक्षक लगातार काशी में गौ माता की सेवा कर रहे हैं और ऐसी घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लेते हैं। प्रशासन से अपील है कि इस मामले की तत्काल जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वाराणसी जैसे पवित्र शहर में गौ संरक्षण की व्यवस्था मजबूत हो सके।

