पेंशनरों का आक्रोश फूटा! वैलिडेशन ऐक्ट 2025 वापस लो, 8वें वेतन आयोग में शामिल करो
वाराणसी (जनवार्ता): उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था, शाखा-वाराणसी की मासिक बैठक रविवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन, पी.डब्ल्यू.डी. वाराणसी में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इं. एस.डी. मिश्र ने की, जबकि संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पाण्डेय ने किया।


बैठक में संस्था के प्रांतीय संरक्षक इं. शमसुल आरेफिन तथा जनपदीय संरक्षक इं. आर.पी. मिश्र विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सभा में नए सदस्यों का परिचय कराया गया तथा मई माह में जन्म लेने वाले पेंशनर्स का जन्मदिन मिष्ठान वितरित कर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसके बाद पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सर्वसम्मति से अनुमोदित की गई।
बैठक में वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा पारित वैलिडेशन ऐक्ट 2025 की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह अधिनियम पेंशनरों के बीच विभेद पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की परिधि से 1 जनवरी 2026 से पहले पुरानी पेंशन स्कीम के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण को बाहर रखा गया है, जो पूर्व की परंपरा के सर्वथा विपरीत है।
वक्ताओं ने बताया कि संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पेंशनरों ने 23 जून 2025, 17 दिसंबर 2025 और 25 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
बैठक में वक्ताओं ने जोर देकर मांग की कि वैलिडेशन ऐक्ट 2025 को तत्काल समाप्त किया जाए, 8वें वेतन आयोग में सभी पुराने पेंशनरों को शामिल किया जाए, राशिकरण की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष की जाए, 65, 70 तथा 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5%, 10% व 15% अतिरिक्त पेंशन दी जाए, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में छूट बहाल की जाए तथा कोविड काल में रोकी गई महंगाई राहत की बकाया तीन किश्तों का भुगतान किया जाए।
बैठक को इं. शमसुल आरेफिन, इं. आर.पी. मिश्र, इं. डी.एल. श्रीवास्तव, डा. परमहंस मिश्र, इं. एस.एन. मणि, नागेन्द्र सिंह, हीरालाल, हीरालाल प्रसाद, इं. हरिशंकर यादव, अमरदेव, प्रभाकर दुबे, शिव प्रकाश, वी.एन. त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, राकेश मोहन पाण्डेय, रामजग, शैलकुमारी, शकुन्तला देवी, रामचन्द्र गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ पेंशनर्स ने संबोधित किया।
पेंशनर्स ने केंद्र एवं राज्य सरकार से अपनी सभी लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

