युद्धों के बीच भी भारत में नहीं होने दी ईंधन की कमी : हरदीप पुरी
वाराणसी (जनवार्ता) । केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक युद्धों और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद भारत ने देश में कच्चे तेल, एलपीजी और पाइपलाइन गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी। उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा नहीं होने दी गई।
सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होने वाराणसी पहुंचे मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और फरवरी 2022 से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर गंभीर असर डाला है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने देश में ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया, बल्कि कई अवसरों पर राहत देने का प्रयास किया गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक परिस्थितियों के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उन्होंने बताया कि कंपनियों को प्रतिदिन करीब एक हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पाइपलाइन प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है ताकि एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम की जा सके। उन्होंने बताया कि वाराणसी में भी पाइपलाइन गैस कनेक्शन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी देश में ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार हर जरूरी कदम उठाती रहेगी।


