गंगा दशहरा पर काशी विश्वनाथ धाम में विशेष आरती, दुग्धाभिषेक और पूजा
वाराणसी, (जनवार्ता)। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान धाम के घाट पर मां गंगा की विधिवत आरती और अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम परिसर में स्थापित मां गंगा की प्रतिमा का पूजन-अर्चन संपन्न हुआ।
गंगा दशहरा के अवसर पर बाबा की नगरी काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देशभर से आए भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। घाटों और मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन मां गंगा राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। स्कंद पुराण में इस पर्व का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश होता है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की मां गंगा के प्रति विशेष आस्था रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाओं के माध्यम से गंगा की स्वच्छता और पुनरुद्धार के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं।
प्रयागराज में श्रद्धालुओं ने भी गंगा दशहरा पर मां गंगा की आराधना की। वहीं महंत बलवीर गिरि महाराज ने कहा कि गंगा दशहरा और नौतपा का यह काल अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पवन शुक्ला ने बताया कि देवी अहिल्याबाई घाट पर आयोजित कार्यक्रम में आचार्य उदित नारायण मिश्रा के मार्गदर्शन में 51 युवा पुजारियों ने 21 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया तथा षोडशोपचार पूजन और भव्य गंगा आरती संपन्न कराई।

