जम्मू में बिना अनुमति प्रदर्शन पर बवाल, पथराव मामले में गुज्जर नेता तालिब हुसैन गिरफ्तार

जम्मू में बिना अनुमति प्रदर्शन पर बवाल, पथराव मामले में गुज्जर नेता तालिब हुसैन गिरफ्तार

जम्मू। जम्मू के बाग-ए-बहू क्षेत्र स्थित बंदी रगोड़ा में बिना अनुमति आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे और पथराव के मामले में पुलिस ने गुज्जर नेता Talib Hussain को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उकसाकर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश की और पुलिस बल पर पथराव कराने में भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार, एक जून को बंदी रगोड़ा क्षेत्र में प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस, आईटीबीपी और आर्म्ड पुलिस के जवान मौके पर तैनात किए गए थे। प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने का प्रयास किया गया कि बिना अनुमति प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ भड़काऊ भाषण भी दिए गए, जिससे तनाव बढ़ गया। हालात को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। मामले में बाग-ए-बहू थाने में एफआईआर संख्या 33/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इधर, Rashtriya Bajrang Dal के प्रदेश अध्यक्ष Rakesh Bajrangi ने तालिब हुसैन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं और तालिब हुसैन ने स्थिति को और तनावपूर्ण बनाया।
स्थानीय लोगों ने भी पथराव की घटना की निंदा करते हुए दावा किया कि क्षेत्र के अधिकांश निवासी शांतिप्रिय हैं और कुछ बाहरी तत्वों ने माहौल खराब करने का प्रयास किया। लोगों का कहना है कि हिंसा और टकराव किसी समस्या का समाधान नहीं है।
घटना से पहले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें तालिब हुसैन और पुलिस अधिकारियों के बीच प्रदर्शन की अनुमति को लेकर तीखी बहस दिखाई दे रही है। वीडियो में पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शन की अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगते हुए देखा जा सकता है, जबकि तालिब हुसैन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते नजर आते हैं।
पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच कर रही है। तालिब हुसैन की गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ने लगा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

rajeshswari
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Shiv murti

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