नीट पेपर लीक के विरोध में बीएचयू सिंहद्वार पर डॉ. पल्लवी पटेल का प्रदर्शन
सैकड़ों समर्थकों संग हिरासत में ली गईं
वाराणसी (जनवार्ता) । नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में धांधली के विरोध में सोमवार को अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय नेता एवं सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल के आह्वान पर बीएचयू सिंहद्वार (लंका) पर प्रदर्शन किया गया। प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए वाराणसी पुलिस-प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड पर रहा और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।


प्रशासन ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर बीएचयू सिंहद्वार से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक भारी पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर सघन निगरानी रखी गई, जबकि कई समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों को एहतियातन हाउस अरेस्ट भी किया गया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद डॉ. पल्लवी पटेल निर्धारित समय पर सिंहद्वार पहुंचीं। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में समर्थक भी एकत्र हो गए और प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
मौके पर मौजूद डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने डॉ. पल्लवी पटेल से वार्ता कर उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन लेने का आग्रह किया और आश्वस्त किया कि उनकी बात शासन तक पहुंचाई जाएगी। हालांकि डॉ. पल्लवी पटेल ने ज्ञापन देने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखा।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉ. पल्लवी पटेल सहित सैकड़ों समर्थकों को हिरासत में ले लिया। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उन्हें पुलिस वाहनों से पुलिस लाइन भेजा गया। हिरासत के दौरान भी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
घटना के बाद भी एहतियातन बीएचयू सिंहद्वार और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नीट पेपर लीक को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

