मोलनापुर में दो साल से कंप्यूटर चोरी का आरोप, प्रमाणपत्रों के लिए ग्रामीण ब्लाक-तहसील की धूल फांक रहे, अफसरों की उदासीनता पर सवाल
चौबेपुर (जनवार्ता)। ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित करने का शासन का सपना अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब तक मूर्त रूप नहीं ले पाया है। ग्रामीण आज भी मामूली प्रमाण पत्रों के लिए ब्लाक और तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। गांवों में बने पंचायत सचिवालय अधिकांश स्थानों पर महज ‘शो-पीस’ बनकर रह गए हैं, क्योंकि न तो आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं और न ही अधिकारियों की गंभीरता।एक ही छत के नीचे ग्रामवासियों की समस्याओं का समाधान और जरूरी कागजात बनाने के उद्देश्य से बनाए गए ग्राम सचिवालय अधर में लटके हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलते ब्लाक के कई पंचायत भवन शो-पीस बनकर रह गए हैं। हालांकि शासन के निर्देश पर हर पंचायत में ‘पंचायत सहायक’ की नियुक्ति तो कर दी गई, लेकिन भवनों में संसाधनों के अभाव में यह नियुक्ति अनुपयोगी साबित हो रही है।ग्रामीणों ने बताया कि आज भी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, विधवा एवं वृद्धा पेंशन जैसे बुनियादी कागजातों के लिए भी ब्लाक का रुख करना पड़ रहा है।विकास खंड चोलापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोलनापुर में यह समस्या और भी गम्भीर हो गई है। यहां करीब दो वर्ष पूर्व कंप्यूटर सहित अन्य आवश्यक सामग्री चोरी होने का आरोप लगाया गया है, जिसके बाद से आज तक पंचायत सचिवालय में कंप्यूटर की व्यवस्था नहीं हो सकी है।ग्राम पंचायत सचिव संजय गुप्ता ने बताया, मेरे आने से पहले ही चोरी की घटना घट चुकी थी। फिलहाल ग्राम पंचायत का भुगतान मेरे लैपटॉप से किया जाता है, लेकिन प्रमाण पत्रों के लिए ग्रामीणों को ब्लाक या नजदीकी गांव चंद्रावती जाना पड़ता है। वहीं ग्राम पंचायत की निवर्तमान प्रधान/प्रशासक ने पुष्टि करते हुए कहा,शासन स्तर से नया कंप्यूटर नहीं मिलने के कारण दो साल से यह स्थिति बनी है। ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।वहीं, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी चोलापुर, शिवनारायण सिंह ने बताया, मामला मेरे संज्ञान में आया है। एडीओ पंचायत को निर्देशित कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।


