आयुर्वेदिक महाविद्यालय को मिला दुर्लभ जड़ी-बूटियों का संग्रह

आयुर्वेदिक महाविद्यालय को मिला दुर्लभ जड़ी-बूटियों का संग्रह

वाराणसी  (जनवार्ता)। वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य एवं सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉ. राजाराम शर्मा ने अपने जीवनभर में संकलित 41 दुर्लभ जड़ी-बूटियों और सोनभद्र की सलखन पहाड़ियों से प्राप्त करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्म आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, चौकाघाट को भेंट किए। महाविद्यालय प्रशासन ने इस संग्रह को संग्रहालय में सुरक्षित रखा है, जिससे विद्यार्थी और शोधार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे।

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डॉ. शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1990 से चरक संहिता के अध्ययन के साथ दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों का संग्रह शुरू किया था। कई प्रजातियां अब विलुप्त हो चुकी हैं, इसलिए शेष संग्रह को शोध एवं भावी पीढ़ी के लिए महाविद्यालय को समर्पित किया गया।


वर्ष 2005 में संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा ने अपने अच्छे स्वास्थ्य का श्रेय आयुर्वेदिक दिनचर्या, संतुलित आहार, योग और प्राणायाम को दिया। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने की अपील की।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिनेश कुमार मौर्य ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि यह संग्रह आयुर्वेद के अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगा।

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Shiv murti

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