फर्जी लोन एप से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
गोरखपुर के कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी लोन एप और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने बिहार के नवादा निवासी मंजीत कुमार और कुशीनगर के विजय विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, छह सिम कार्ड तथा 1500 रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

कोतवाली क्षेत्राधिकारी ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि गिरोह बजाज फाइनेंस के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी लोन कंपनी संचालित कर रहा था। करीब चार माह पहले गिरोह ने जानवी श्रीवास्तव नामक युवती को फाइनेंस कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके नाम पर सिम कार्ड और यूको बैंक में खाता खुलवाया। इसके बाद बैंक खाता, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उसी खाते में देशभर के लोगों से लोन दिलाने के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी। जांच में खाते से 15 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला।
पुलिस के अनुसार आरोपी मेटा (फेसबुक) पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को लोन का झांसा देते थे।
आवेदन करने वालों से संपर्क कर खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते और फर्जी पहचान पत्र भेजकर भरोसा जीतते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और इंश्योरेंस शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा कराकर एटीएम के माध्यम से नकदी निकाल लेते और पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह कोतवाली क्षेत्र में किराये का कमरा लेकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मंजीत कुमार शातिर साइबर अपराधी है और वह दो बार जेल जा चुका है। वर्ष 2023 में गोरखपुर साइबर थाने में हल्दीराम की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में भी उसे जेल भेजा गया था। इसके अलावा बिहार के नवादा जिले में भी उसके खिलाफ साइबर ठगी के कई मामले दर्ज हैं।

