सावन: गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच काशी के प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
वाराणसी (जनवार्ता) । सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार से काशी के प्रमुख घाटों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है, जबकि जल पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 61.92 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल जलस्तर स्थिर है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। श्रावण सोमवार पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घाटों और मंदिर मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए ललिता घाट स्थित गंगा द्वार पर जिग-जैग बैरिकेडिंग लगाई गई है। वहीं, गेट नंबर-1 (ढुंडीराज प्रवेश) के लिए दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क से बैरिकेडिंग शुरू कर दी गई है। श्रद्धालु नंदी चौक, केसीएम और बांसफाटक मार्ग से होकर निर्धारित प्रवेश द्वार से श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे।
प्रशासन ने घाटों पर पुलिस बल, गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है। इसके साथ ही नंदी चौक, घाटों, गिरजाघर चौराहा और मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पूरे श्रावण मेले के दौरान ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बैरिकेडिंग और निर्धारित मार्गों का पालन करें, गंगा में जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

