वाराणसी: मिंट हाउस में भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम, सुंदरकांड और कजरी संध्या में शामिल हुए असम के राज्यपाल
वाराणसी (जनवार्ता)। सावन के पावन अवसर पर मिंट हाउस परिसर शनिवार को भक्ति, आध्यात्म और लोक संस्कृति के रंग में पूरी तरह रंग गया। विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय के संयोजन में आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ एवं कजरी संध्या में असम के राज्यपाल डॉ. लक्ष्मण आचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। उनके आगमन पर आयोजकों ने अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान श्रीराम तथा संकटमोचन हनुमान जी के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्वान आचार्यों ने सस्वर सुंदरकांड का पाठ किया। चौपाइयों के मधुर उच्चारण से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु पूरे समय भक्ति में लीन होकर सुंदरकांड का श्रवण करते रहे।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद आयोजित कजरी संध्या ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। लोक कलाकारों ने सावन की पारंपरिक कजरियों की ऐसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कि उपस्थित श्रोता देर रात तक संगीत की मधुर स्वर लहरियों में डूबे रहे। काशी की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल डॉ. लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा उसकी धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं में निहित है। सुंदरकांड और कजरी जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ समाज में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश भी देते हैं।
आयोजक एवं विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय ने सभी अतिथियों, कलाकारों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, भाजपा नेता सुरेश सिंह, विद्यासागर राय, अपना दल (एस) के प्रदेश सचिव मनीष सिंह, सुरेंद्र प्रताप, वरिष्ठ कवि इंदीवर, मंगला सिंह, विनोद सिंह, आलोक सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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