फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर एमबीबीएस में दाखिला कराने वाले गिरोह का वांछित सदस्य गिरफ्तार
भदोही। फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को पैसे के बल पर चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस) में दाखिला दिलाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ भदोही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित एक अंतर्जनपदीय अभियुक्त को बहराइच से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से डेल कंपनी का एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में कूटरचना एवं जालसाजी से जुड़े मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्वाट/सर्विलांस टीम को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकेशन के आधार पर सूचना मिली कि फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र तैयार कर एमबीबीएस में दाखिला कराने के मामले में वांछित आरोपी बहराइच में मौजूद है।
सूचना के आधार पर टीम ने दिनेश कुमार वर्मा (42) पुत्र मुन्नू राम वर्मा, निवासी नौतला, थाना रामगांव, जनपद बहराइच को ग्राम सोहरवा स्थित नंदा इंस्टीट्यूट गेस्टहाउस से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया गिरोह का नेटवर्क
मामले की शुरुआत 20 सितंबर 2025 को थाना ज्ञानपुर में मिली शिकायत से हुई थी। शिकायत में राजकीय/स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित/उपआश्रित श्रेणी के अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्रों के संदिग्ध एवं कूटरचित होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य शुभम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। विद्यार्थियों के परिजनों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के कथित सरगना संजय दुबे का नाम प्रकाश में आया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी थी।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि उनका संगठित गिरोह फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र तैयार कराकर अभ्यर्थियों को एमबीबीएस में चयन दिलाने तथा इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी नौकरियों में भर्ती कराने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, पूर्व में इसी तरह फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए वर्ष 2023 की पुलिस सीधी भर्ती में भी अभ्यर्थी का चयन कराया गया था। इस मामले में भदोही पुलिस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना ज्ञानपुर में मु0अ0सं0 223/25, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस तथा बढ़ोत्तरी धारा 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस मामले में गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क की जांच कर रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजकुमार पांडेय, प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हेड कांस्टेबल बृजेश सिंह तथा कांस्टेबल दीपक कुमार यादव, सुनील पाल और हिमांशु सिंह शामिल रहे।

