एसटीएफ ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का किया पर्दाफाश, 150 किलो गांजा बरामद
गाजियाबाद (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में अवैध गांजे की तस्करी व बिक्री करने वाले बिहार के रौशन गैंग के सक्रिय सदस्य प्रिंस कुमार समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। टीम ने उनके कब्जे से करीब 150 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 37.50 लाख रुपये बताई गई है। आरोपितों को 24 अगस्त की रात ट्रोनिका सिटी, लोनी, गाजियाबाद क्षेत्र से पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रिंस कुमार निवासी मनेर, पटना, आशीष कुमार निवासी भोजपुर, सोनू कुमार निवासी भोजपुर, राजा कुमार निवासी पटना और रोहित कुमार निवासी भोजपुर, बिहार के रूप में हुई है। इनके पास से गांजे के 23 पैकेट और फर्जी नंबर प्लेट लगी दो कारें बरामद हुई हैं।
एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के संबंध में लगातार सूचना मिल रही थी। सूचना विकसित करने के बाद गौतमबुद्धनगर एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में कार्रवाई की और प्रिंस समेत उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में प्रिंस ने बताया कि वह करीब दो वर्षों से साथियों के साथ गांजे की तस्करी और बिक्री कर रहा था। फरवरी 2026 में वह भोजपुर के रौनक नामक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसके बाद ओडिशा से गांजा लाकर सप्लाई करने लगा। गिरोह ओडिशा के फूलवानी, संबलपुर और कटक से गांजा लेकर बिहार के रास्ते दिल्ली-एनसीआर और मेरठ तक पहुंचाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्करी के दौरान गिरोह दो अलग-अलग वाहनों में माल रखकर उन्हें कुछ दूरी के अंतर पर आगे-पीछे चलाता था। आरोपितों के अनुसार, एक वाहन पकड़े जाने की स्थिति में दूसरा वाहन बचकर निकल सके, इसके लिए यह तरीका अपनाया जाता था।
एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार प्रिंस ने खुद को बिहार के रौशन गैंग का सदस्य बताया है। उसके अनुसार गैंग का सरगना रौशन कुमार सिंह है, जो लखीसराय जिले का निवासी है। गैंग का नेटवर्क बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैला होने की जानकारी सामने आई है।
आरोपितों के खिलाफ ट्रोनिका सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

