दिव्यांग अभ्यर्थियों को नकल कराने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
एसटीएफ ने कानपुर से दबोचा
कानपुर। सहभागी सहकारी क्षेत्र के बैंकों में परिवीक्षाधीन अधिकारी एवं प्रबंध प्रशिक्षुओं की भर्ती परीक्षा में दिव्यांग अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के चार सदस्यों को उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल ने कानपुर नगर से गिरफ्तार किया है। आरोपित फर्जी और कूटरचित दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाकर बेरोजगार अभ्यर्थियों से ठगी करने के साथ पेशेवर लेखक के माध्यम से परीक्षा पास कराने का काम करते थे।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अवनीश यादव, आशीष कुमार, राहुल कुमार सिन्हा और अंकित सचान के रूप में हुई है। विशेष कार्यबल ने इनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, चार आधार कार्ड, एक आईपैड, तीन पैन कार्ड, एक वाहन चालक अनुज्ञापत्र, एक पासपोर्ट, दो बैंक एटीएम कार्ड, एक वैगनआर कार, फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तथा 2,750 रुपये नकद बरामद किए।
विशेष कार्यबल के अनुसार रविवार और सोमवार को कानपुर नगर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई थी। सूचना मिलने पर टीम ने सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित परीक्षा केंद्र पर निगरानी बढ़ाई। यहां दिल्ली और बिहार से आए कुछ लोग दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों की जगह पेशेवर लेखक के रूप में परीक्षा में शामिल होकर उन्हें नकल कराने की तैयारी में थे।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना मनीष कुमार मिश्रा, निवासी झांसी बताया गया है, जबकि बिहार का राजू गुप्ता भी गिरोह से जुड़ा है। गिरोह के सदस्य सरकारी एवं सार्वजनिक विभागों की ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षाओं में दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल कराने के लिए पेशेवर लेखक उपलब्ध कराते थे। विशेष कार्यबल के मुताबिक 22 अगस्त को आयोजित परिवीक्षाधीन अधिकारी भर्ती परीक्षा में भी गिरोह द्वारा कथित रूप से दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र अनधिकृत तरीके से हल किए जा रहे थे।
चारों आरोपितों के खिलाफ सचेंडी थाने में संबंधित धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष कार्यबल की कार्रवाई जारी है।

