जूडो के समर्पित साधक लाल कुमार का निधन, खेल जगत में शोक
तीन दशक से अधिक समय तक खिलाड़ियों को तराशते रहे, ग्रामीण प्रतिभाओं को दिया सहारा
वाराणसी (जनवार्ता)। जूडो के समर्पित खिलाड़ी और प्रशिक्षक लाल कुमार के निधन से खेल जगत में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर से खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और उनसे जुड़े लोगों में गहरा दुख है। करीब 32 वर्षों तक जूडो खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए समर्पित लाल कुमार ने अपना जीवन नई प्रतिभाओं को तैयार करने में लगा दिया। संबंधों को हर हालत में जीने वाले, फक्कड़ स्वभाव, अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति रहे लाल कुमार ने सैकड़ो खिलाड़ियों को रोजगार दिलाया।

वर्ष 1993 में राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस), पटियाला से जूडो प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने निरंतर खेल प्रशिक्षण को अपनी जीवन-यात्रा का हिस्सा बना लिया। वह स्वयं राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी रहे। उनके मार्गदर्शन में 500 से अधिक खिलाड़ियों ने जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई। आर्थिक तंगी का सामना करते हुए भी न जाने कितनों छात्रों को आर्थिक मदद की। लाल कुमार की सबसे बड़ी विरासत उनके पुरस्कार या पद नहीं, बल्कि वे खिलाड़ी हैं जिन्हें उन्होंने खेल के साथ जीवन में संघर्ष करना और आगे बढ़ना सिखाया। लाल कुमार का सबसे बड़ा योगदान उन बच्चों और युवाओं के प्रति रहा, जिन्हें संसाधनों के अभाव में खेल की दुनिया में आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता था।
उन्होंने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क अथवा अपने निजी संसाधनों से जूडो प्रशिक्षण दिया। उनके प्रयासों से वाराणसी का भट्ठी ग्राम ‘जूडो ग्राम’ के रूप में पहचान बना सका। गांवों और पिछड़े क्षेत्रों में जाकर युवाओं को खेल से जोड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा। लाल कुमार के लिए जूडो केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं था। वह इसे अनुशासन, आत्मविश्वास और युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का साधन मानते थे। चुपचाप और निरंतर काम करते हुए उन्होंने कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। उनके जाने से जूडो जगत ने एक ऐसे प्रशिक्षक को खो दिया, जिसकी पहचान उसके खिलाड़ियों की उपलब्धियों से बनती थी।ध्यातव्य हो कि लाल कुमार काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग के भी छात्र रहे। पत्रकारिता विभाग से इनका गहरा लगाव था। उनके निधन पर प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय, डॉ. प्रभा शंकर मिश्र, शिवानंद सिंह, विजय सिंह चंदेल, अखिलेश राय, संतोष, मिथिलेश, रवि सुरेश यादव, अवधेश आदि ने शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लाल कुमार के निधन को खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिजनों और उनके शिष्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

