श्रेया उपाध्याय हत्याकांड का मुख्य आरोपी विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार

श्रेया उपाध्याय हत्याकांड का मुख्य आरोपी विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार

हत्या की साजिश में छल, ब्लैकमेल और संपत्ति का एंगल सामने आया

वाराणसी। राजातालाब थाना क्षेत्र में एमएससी छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या के मामले में करीब 20 दिन से फरार चल रहे मुख्य आरोपी विवेक चौबे उर्फ निखिल को पुलिस ने सोमवार सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी को मामले की जांच में बड़ी सफलता मान रही है।

rajeshswari

22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय जगतपुर पीजी कॉलेज में रसायन विज्ञान की छात्रा थीं और परिवार की इकलौती बेटी थीं। 18 अगस्त को वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। दो दिन बाद 20 अगस्त को रोहनिया क्षेत्र के बच्छांव-पश्चिमपुरा स्थित एक किराये के मकान के बाथरूम से उनका सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। मकान का दरवाजा बाहर से बंद था। पोस्टमार्टम में गला रेते जाने, सिर पर चोट तथा पैर बांधे जाने के निशान सामने आए थे।

पुलिस की जांच में सामने आया कि चोलापुर के नियारडीह निवासी विवेक चौबे श्रेया का दूर का रिश्तेदार था और लंबे समय से उसके संपर्क में था। वह ग्रामीण बैंक में कार्यरत बताया गया है तथा फील्ड वर्क के दौरान बच्छांव में किराये के कमरे में रहता था। परिजनों का आरोप है कि विवेक श्रेया को ब्लैकमेल करता था। आरोप है कि उसने श्रेया की शादी की ड्रेस में फोटो खींचकर उसे एडिट किया और दूसरी जगह शादी करने पर फोटो वायरल करने की धमकी दी थी।

इसे भी पढ़े   मां विंध्यवासिनी धाम में मोबाइल हुआ बैन,जाने नयी नियम

परिवार के मुताबिक श्रेया के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन-संपत्ति थी। परिवार ने विवेक से शादी का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और श्रेया का विवाह डीआरडीओ के अधिकारी से तय कर दिया गया था। नवंबर में सगाई और फरवरी में विवाह प्रस्तावित था। पुलिस की जांच में आशंका जताई गई कि शादी तय होने के बाद विवेक ने श्रेया को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

पुलिस के मुताबिक इस साजिश में मऊ निवासी पुनीत मिश्रा को कथित तौर पर 22 लाख रुपये की सुपारी देने की बात सामने आई। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पुनीत को हत्या के लिए तैयार किया गया था। आरोप है कि 18 अगस्त को विवेक ने श्रेया को फोन या संदेश के जरिए बुलाया और उसे अपने साथ बच्छांव स्थित किराये के कमरे में ले गया। वहां पुनीत पहले से मौजूद था।

पुलिस के अनुसार कमरे में विवेक ने श्रेया के हाथ पकड़े और पुनीत ने चाकू से उसका गला रेत दिया। हत्या के बाद शव को बाथरूम में छोड़कर दोनों मौके से फरार हो गए। पुलिस का दावा है कि वारदात को करीब 20 मिनट में अंजाम दिया गया।

हत्या के बाद कथित तौर पर रकम के भुगतान को लेकर भी विवेक ने पुनीत को धोखा दिया। विवेक ने उसी दिन अस्सी घाट पर उसे पैसे देने की बात कही थी। पुनीत वहां पहुंचा, लेकिन विवेक नहीं आया और उसका मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद पुनीत उसकी तलाश में भुआलपुर, चुनार तक पहुंचा, लेकिन विवेक का पता नहीं चला।

24 अगस्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पुनीत को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक उसके पैर में गोली लगी थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की कथित साजिश और घटनाक्रम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

इसे भी पढ़े   साहित्यनाका में सड़क चौड़ीकरण के बीच युवक सहित दो लोगों की मौत के बाद चक्का जाम

मामले में 27 अगस्त को विवेक के पिता रामसहाय चौबे को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार वह बेटे की शादी श्रेया से कराना चाहता था। जांच के दौरान उसके द्वारा श्रेया को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दिए जाने की बात भी सामने आई थी।

मुख्य आरोपी विवेक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बिहार, झारखंड और कोलकाता समेत विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही थीं। इस दौरान करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लगातार तलाश के बाद सोमवार सुबह करीब पांच बजे राजातालाब पुलिस को विवेक के संबंध में सुराग मिला।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान विवेक ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया है।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस हत्या के पीछे की पूरी साजिश, संपत्ति से जुड़े विवाद, कथित ब्लैकमेलिंग और अन्य संभावित कारणों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामले में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *