खंडहर हो चुके गोपाललाल विला को मिलेगा नया स्वरूप

खंडहर हो चुके गोपाललाल विला को मिलेगा नया स्वरूप

डीएम ने स्वामी विवेकानंद के प्रवास स्थल का किया निरीक्षण, सुलभ कॉम्प्लेक्स हटाने की तैयारी

वाराणसी। अर्दली बाजार स्थित स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक प्रवास स्थल गोपाललाल विला को संरक्षित करने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रस्तावित निर्माण के डिजाइन में बदलाव और प्रवास स्थल से सटे सुलभ कॉम्प्लेक्स को हटाने पर चर्चा हुई।

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विवेकानंद प्रवास स्थल संरक्षण समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को स्थल के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराते हुए इसे संरक्षित करने की मांग की। समिति के पदाधिकारी अधिवक्ता नित्यानंद राय और विनोद पांडेय भैयाजी ने बताया कि जिलाधिकारी ने गोपाललाल विला से संबंधित प्रस्तावित निर्माण का डिजाइन बदलने पर सहमति जताई है। अब कम्पोजिट विद्यालय की ओर प्रस्तावित निर्माण उत्तर-दक्षिण दिशा में न बनाकर पूरब-पश्चिम दिशा में बनाए जाने पर सहमति बनी है।

अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के प्रवास स्थल से सटाकर बाउंड्रीवाल बनाने के विरोध में पिछले करीब 15 दिनों से निर्माण कार्य रोका गया था। गतिरोध दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने चार सितंबर को अपर आयुक्त प्रशासन आलोक वर्मा को मौके पर भेजा था, लेकिन डिजाइन को लेकर सहमति नहीं बन सकी थी। मंगलवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद विवाद के समाधान और डिजाइन में बदलाव की उम्मीद बढ़ी है।

अंतिम काशी प्रवास में बीमारी की हालत में रुके थे विवेकानंद

समिति के अनुसार स्वामी विवेकानंद पहली बार वर्ष 1887 में 24 वर्ष की आयु में काशी आए थे। इस दौरान वे गोलघर स्थित दामोदरदास की धर्मशाला में ठहरे थे। वे कुल पांच बार काशी आए। अंतिम बार वे अपने निधन से करीब चार महीने पहले काशी पहुंचे थे। उस समय अस्वस्थ होने के कारण अर्दली बाजार स्थित गोपाललाल विला में ठहरे थे।

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इसी प्रवास के दौरान 14 मार्च 1902 को उन्होंने बहन निवेदिता को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने यहां के प्राकृतिक वातावरण और स्वास्थ्य के लिए अनुकूल परिस्थितियों का उल्लेख किया था। स्वास्थ्य लाभ के बाद वे बेलूर मठ लौटे और चार जुलाई 1902 को उनका देहावसान हो गया।

वर्तमान में गोपाललाल विला जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित करने के लिए लंबे समय से अभियान चल रहा है। जिलाधिकारी के निरीक्षण से संरक्षण की दिशा में चल रहे प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

निरीक्षण के दौरान विवेकानंद प्रवास स्थल संरक्षण समिति के पदाधिकारियों के साथ एलटी कॉलेज की प्राचार्य ऋचा जोशी, एसीएम तृतीय और पुरातत्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

Shiv murti

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