गर्भवती महिला की मौत के मामले में दो दरोगा समेत छह पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस पर नौ माह की गर्भवती महिला के पेट में लात मारने का आरोप, प्रसव के बाद हुई मौत
फिरोजाबाद (जनवार्ता)। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में नौ माह की गर्भवती महिला की मौत के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने दो उप निरीक्षकों समेत छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिसकर्मियों पर महिला के साथ कथित अभद्रता और पेट में लात मारने का आरोप है। घटना के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई थी। अस्पताल में उसने बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। नवजात की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, लभौआ गांव निवासी 28 वर्षीय अंजली के पति गौरव फोटोग्राफी का काम करते हैं। गांव में एक परचून की दुकान में हुई चोरी के मामले में गौरव समेत दो लोगों पर आरोप लगाया गया था। रविवार रात करीब पौने 12 बजे उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह पुलिस टीम के साथ गौरव को पकड़ने उसके घर पहुंचे।
आरोप है कि पुलिसकर्मी गौरव को घर से ले जाने लगे तो उसकी पत्नी अंजली ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और पति को छोड़ने की गुहार लगाई। इसी दौरान उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह द्वारा कथित तौर पर अंजली के पेट में लात मार दी गई, जिससे वह गिर गई और उसकी तबीयत बिगड़ गई।
पुलिस गौरव को अपने साथ थाने ले गई, जबकि परिजन गंभीर हालत में अंजली को अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उसने एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और उसे लक्ष्मी फाउंडेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे आगरा रेफर किया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया तथा पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी आदित्य लांग्हे ने उप निरीक्षक धर्मपाल सिंह, उप निरीक्षक सत्यपाल सिंह, मुख्य आरक्षी मोहन सिंह, अरविंद कुमार तथा आरक्षी भवतोष कुमार और कुलदीप कुमार को निलंबित कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की गई है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

