यूपी चार हिस्सों में बंट सकता है, अलग पूर्वांचल में राजभर समाज का CM होगा: राजभर
देवरिया (जनवार्ता)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश चार हिस्सों में बंट सकता है। देवरिया के सोनूघाट स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित सामाजिक समरसता महारैली में उन्होंने अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर संगठन को मजबूत करने की अपील की।
राजभर ने दावा किया कि अलग पूर्वांचल राज्य बनने पर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर राजभर समाज का बेटा बैठेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने के लिए अभियान को आगे बढ़ाने को कहा।

उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी निशाना साधा। राजभर ने कहा कि इन दलों ने लंबे समय तक प्रदेश में सरकारें चलाईं, लेकिन पिछड़े समाज की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। उन्होंने समर्थकों से सुभासपा के साथ जुड़े रहने की अपील की और कहा कि उनकी पार्टी के सरकार में रहने से समाज के लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है।
राजभर ने 27 फीसदी पिछड़ा वर्ग आरक्षण में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि आरक्षण का लाभ सभी पिछड़ी जातियों को उनकी आबादी के अनुरूप मिलना चाहिए।
चार राज्यों में बांटने का प्रस्ताव पहले भी आया था। नवंबर 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार ने उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल, बुंदेलखंड, अवध प्रदेश और पश्चिम प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा था। विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। दिसंबर 2011 में गृह मंत्रालय ने प्रस्तावित राज्यों की सीमाओं, क्षेत्रफल, आबादी, राजधानी और कर्ज के बंटवारे समेत अन्य जानकारी मांगी थी। हालांकि, दिसंबर 2014 में केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन से संबंधित कोई प्रस्ताव उस समय केंद्र के विचाराधीन नहीं था।

