आईआईटी बीएचयू के विद्यार्थियों को उद्योगों की समस्याएं सुलझाने का मिला मंच
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
वाराणसी (जनवार्ता)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बीएचयू ने विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ने की पहल की है। संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय उद्योग-अकादमिक सम्मेलन ‘कान्फ्लूएंटिया-2026’ में विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार के माध्यम से औद्योगिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

संस्थान के स्टूडेंट एलुमनी इंटरेक्शन सेल (एसएआईसी) की ओर से 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित सम्मेलन में उद्योग विशेषज्ञों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज सम्मेलन का शीर्ष प्रायोजक रहा। तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में हैकाथान, कार्यशालाओं और विशेषज्ञों के साथ संवाद के जरिए उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को फिजिकल एआई कार्यशाला, औद्योगिक समस्याओं पर आधारित गतिविधियां और पूर्व छात्रों के साथ संवाद आकर्षण का केंद्र रहे। संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा की उपस्थिति में सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। इस दौरान टनलिंग, औषधि एवं स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, विनिर्माण स्वचालन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में आ रही चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। स्मार्ट विनिर्माण, इंडस्ट्री 4.0, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल, इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत इंजीनियरिंग के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए एप्लाइड मशीन लर्निंग और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग पर आधारित हैकाथान आयोजित किया गया। इसके अलावा वित्तीय निर्णय क्षमता, एआई आधारित भावनात्मक जागरूकता तथा जनरेटिव और एजेंटिक एआई के व्यावहारिक उपयोग पर कार्यशालाएं हुईं। ट्रीडेंस की एआई फाउंड्री कार्यशाला में एआई एजेंट विकसित करने, कार्यप्रवाह का विश्लेषण करने और तैयार समाधानों का परीक्षण करने की जानकारी दी गई।
समापन अवसर पर आयोजित ग्रैंड प्लेनरी सत्र में पूर्व छात्रों, शिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के सेहसाद्री टी. का संबोधन, हैबिल्ड के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा के साथ संवाद और कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता का मुख्य वक्तव्य प्रमुख आकर्षण रहे।
विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए ‘मैच सर्किल्स’ आयोजित किया गया। वहीं, ‘इंटर्नशिप प्रिपरेशन लीग’ के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक समस्याओं से रूबरू कराया गया। एचसीएल की फिजिकल एआई कार्यशाला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण के साथ सम्मेलन संपन्न हुआ। आयोजकों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और शिक्षा तथा उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रहा।

