वाराणसी: एमएलसी चुनाव में सपा की जीत पर अजय राय का भाजपा पर हमला
मोदी की जीत पर उठाए सवाल
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस नेता अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2024 में वाराणसी लोकसभा सीट से हुई जीत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी की जीत धांधली और चुनावी बेईमानी के जरिए हुई थी। हालांकि, यह अजय राय का राजनीतिक आरोप है।

अजय राय की यह टिप्पणी वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव की जीत के बाद सामने आई। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव के परिणाम भाजपा के जनाधार में गिरावट का संकेत हैं और पार्टी राजनीतिक रूप से घिर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि वाराणसी की जनता ने इन चुनावों में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
अखिलेश यादव ने भी लगाए आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चुनावी गड़बड़ी और प्रशासनिक हस्तक्षेप के आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन ने भाजपा को चुनौती दी है। अखिलेश ने दावा किया कि कथित अनियमितताओं के बावजूद भाजपा को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा ने छह, सपा ने पांच सीटें जीतीं
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने छह, जबकि सपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने बरेली-मुरादाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हरि सिंह ढिल्लों के जरिए अपनी सीट बरकरार रखी। मेरठ शिक्षक सीट से दिनेश कुमार गोयल और मेरठ स्नातक सीट से चांद शर्मा ने जीत दर्ज की। भाजपा ने लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी सफलता हासिल की।
वहीं, सपा ने वाराणसी शिक्षक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक और आगरा-अलीगढ़ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। सपा नेता कांति सिंह ने लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह को हराया।
चुनाव परिणामों के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां सपा और कांग्रेस इन नतीजों को भाजपा के खिलाफ जनमत के रूप में पेश कर रहे हैं, वहीं वाराणसी लोकसभा चुनाव में धांधली के आरोपों के समर्थन में कोई नया प्रमाण इस रिपोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

