गाजियाबाद : निवाड़ी थाने का एसएचओ रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
गाजियाबाद (जनवार्ता) । मोदीनगर क्षेत्र में स्थित निवाड़ी थाने के एसएचओ जयपाल सिंह रावत को मेरठ विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने थाने में ही छापेमारी की और मुकदमे से नाम हटाने के बदले मांगी गई 50 हजार रुपये की रकम मौके से बरामद कर ली। यह कार्रवाई हाल ही में हुई है, जिससे स्थानीय पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामला तब सामने आया जब अबुपुर गांव के निवासी राकेश कुमार उर्फ बिट्टू, जो गांव के पूर्व प्रधान रह चुके हैं, ने आरोप लगाया कि 2 जनवरी 2026 को उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मुकदमे में दावा किया गया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है, लेकिन पीड़ित का कहना है कि उनकी लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से साफ साबित हो सकता है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। उनका आरोप है कि यह साजिश चुनावी रंजिश में उनके प्रतिद्वंद्वी विजय सिंह द्वारा रची गई थी।
पीड़ित ने बताया कि इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और मुकदमा वापस लेने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने एसीपी मोदीनगर और डीएसपी देहात समेत उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित की पत्नी बबीता रानी, जो हाफिजपुर में सरकारी शिक्षिका हैं, ने भी लिखित शिकायत दर्ज कराई, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। इंस्पेक्टर द्वारा घर पर दबिश और टॉर्चर के बाद आखिरकार पीड़ित ने मेरठ विजिलेंस में शिकायत दर्ज की।
शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाया। 3 फरवरी को पीड़ित ने थाने में इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपये दिए, जिसके तुरंत बाद टीम ने मौके पर छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की पूरी रकम बरामद की। यह बड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का संकेत देती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और इंस्पेक्टर के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

