आजमगढ़ पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप ‘NEXT TRADE’ से एक करोड़ की ठगी का किया खुलासा
दो अंतरराज्यीय अपराधी गिरफ्तार
आजमगढ़ (जनवार्ता)। साइबर क्राइम थाना आजमगढ़ की टीम ने NEXT TRADE नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए चल रहे एक बड़े संगठित साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने देशभर में लगभग एक करोड़ रुपये की ठगी की है और अब तक इस संबंध में 12 शिकायतें पुलिस को प्राप्त हो चुकी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त इन्द्रजीत डे मूल रूप से पांडव नगर, ईस्ट दिल्ली के निवासी हैं और वर्तमान में उज्जैन (मध्य प्रदेश) में रह रहे थे। दूसरा अभियुक्त अंकेश धाकड़ शिवपुरी (मध्य प्रदेश) का मूल निवासी है, जो इंदौर में रहता था और कोटक महिंद्रा बैंक, इंदौर में कार्यरत था।
मामला मुकदमा संख्या 29/2025 के तहत दर्ज है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), आईटी एक्ट की धारा 66डी और बाद में धारा 111(1) भी जोड़ी गई है। ठगी का तरीका काफी सुनियोजित था। अपराधी फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग ऐप का आकर्षक विज्ञापन दिखाते थे। अधिक लाभ का लालच देकर पीड़ितों को NEXT TRADE ऐप का लिंक भेजा जाता और निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। शुरुआत में ऐप पर अच्छा मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता जाता, लेकिन निकासी के समय आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी। ठगी की राशि म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है, जो ब्लैंक चेक उपलब्ध कराकर राशि तुरंत निकाल लेते थे।
एक प्रमुख पीड़ित अशोक कुमार अग्रवाल (निवासी बदरका, आजमगढ़) ने ऐप में 8 लाख 99 हजार रुपये निवेश किए थे, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने तीन मोबाइल फोन (सिम कार्ड सहित), तीन एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक बैंक आईडी, एक जियो सिम कार्ड और नगद 870 रुपये बरामद किए हैं।
वर्तमान में गोपाल भदौरिया (कोटक बैंक कर्मी), माधव, रॉकी और प्रीतम (यस बैंक कर्मी) फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। यह सफल कार्रवाई क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम श्रीमती आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने अंजाम दी।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें, अनजान लिंक या एपीके फाइलों से बचें और संदिग्ध ऐप मिलने पर तुरंत अनइंस्टॉल करके डिवाइस स्कैन करें। अन्य प्रभावित लोग भी शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की निरंतर मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

