गुप्तकाशी क्षेत्र में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र-राज्य से मांगा जवाब
सोनभद्र (जनवार्ता)! उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के गुप्तकाशी परिक्षेत्र में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्र व राज्य सरकार सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पर्यावरणीय अनुमति से संबंधित विस्तृत विवरण भी मांगा है।


रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित दण्डईत बाबा परिसर में आयोजित बैठक में गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि गुप्तकाशी परिक्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक, पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व के स्थल जहां अनेक गुफाएँ, गुफाचित्र, भित्तिचित्र, जलस्रोत, झरने, वन्यजीव अभयारण्य तथा हजारों प्रकार की वनस्पतियाँ मौजूद हैं, वहाँ लगभग 17 हजार मेगावाट की परियोजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। इन परियोजनाओं से पर्यावरण और आदिवासी समुदायों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए ट्रस्ट ने जनहित याचिका दायर की थी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार के संबंधित प्राधिकारियों से पर्यावरणीय स्वीकृति का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी जवाब दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता के अनुसार, याचिका में न्यायपालिका की निगरानी में विस्तृत पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) कराने और जनसुनवाई आयोजित करने की मांग की गई है। साथ ही विशेषज्ञ समिति गठित कर क्षेत्र के पर्यावरण, वन, वन्यजीव, प्राचीन गुफाओं, भित्तिचित्रों और जनजातीय समुदायों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
बैठक में विजयगढ़ दुर्ग पर चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें रामसेवक सिंह खरवार को विराट हिंदू मेले का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे, सत्य प्रताप सिंह, श्रीकांत तिवारी, रमेश मिश्रा, संजीव तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

