अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर किए बड़े पैमाने पर प्रि-एम्प्टिव हमले
ईरान ने किया जवाबी मिसाइल अटैक
नई दिल्ली (जनवार्ता) : मिडिल ईस्ट में तनाव शनिवार को चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर पूर्व-निवारक (प्रि-एम्प्टिव) हमले शुरू किए, जिन्हें “प्रि-एम्प्टिव स्ट्राइक” या “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” कहा जा रहा है। इन हमलों में तेहरान सहित ईरान के कई प्रमुख सैन्य ठिकानों, न्यूक्लियर सुविधाओं और नेतृत्व से जुड़े स्थलों को निशाना बनाया गया।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ईरान की न्यूक्लियर क्षमता को पूरी तरह खत्म करना, उसकी सेना को तबाह करना और वहां के लोगों को अपनी सरकार बदलने का मौका देना है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “अस्तित्व का खतरा” दूर करने की आवश्यक कार्रवाई करार दिया। हमलों में तेहरान में बड़े विस्फोटों की रिपोर्ट्स आईं, जहां सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के कंपाउंड सहित कई जगहों पर व्यापक नुकसान हुआ।
ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और इजरायल के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए। इन हमलों में गल्फ देशों जैसे यूएई, बहरीन, कतर, कुवैत और सऊदी अरब में अमेरिकी बेस प्रभावित हुए। अबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई जगहों पर इंटरसेप्शन के दौरान मलबा गिरने से नुकसान और चोटें रिपोर्ट हुईं।
जॉर्डन में ईरानी मिसाइलों का सामना करते हुए जॉर्डन आर्म्ड फोर्सेस ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को अपने एयरस्पेस में इंटरसेप्ट किया। हालांकि एक मिसाइल का मलबा अम्मान के मार्ज अल-हमाम इलाके में एक रिहायशी घर पर गिरा, जिससे आग लग गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सिविल डिफेंस टीमों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मलबा गिरते और आग लगते हुए के दृश्य देखे जा रहे हैं। अभी तक किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं और क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
इजरायल में स्कूल-दफ्तर बंद कर दिए गए हैं, लोग बंकरों में शरण ले रहे हैं और इमरजेंसी घोषित है। ईरान ने कई मिसाइलें ऐसे रास्तों से भेजीं जो गल्फ देशों और जॉर्डन के ऊपर से गुजरीं, क्योंकि उनका मुख्य लक्ष्य इजरायल था।
स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और दोनों तरफ से आगे हमलों की आशंका जताई जा रही है। पूरा क्षेत्र बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है। घटनाएं तेजी से बदल रही हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है।

