IND vs WI टेस्ट : यशस्वी जायसवाल ने रचा इतिहास, पांचवीं बार 150+ स्कोर; ब्रैडमैन के रिकॉर्ड पर नजर

IND vs WI टेस्ट : यशस्वी जायसवाल ने रचा इतिहास, पांचवीं बार 150+ स्कोर; ब्रैडमैन के रिकॉर्ड पर नजर

नई दिल्ली | अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाज़ी का दम दिखाया। उन्होंने अपने टेस्ट करियर का सातवां शतक जड़ते हुए खेल समाप्ति तक 253 गेंदों में 22 चौकों की मदद से नाबाद 173 रन बनाए। दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 2 विकेट खोकर 318 रन बना लिए थे। क्रीज पर जायसवाल 173 रन और कप्तान शुभमन गिल 20 रन बनाकर डटे हुए हैं।

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इस पारी के साथ ही जायसवाल ने एक बड़ा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने टेस्ट करियर में अब तक लगाए गए सात शतकों में से पांच मौकों पर 150 से अधिक का स्कोर किया है। टेस्ट क्रिकेट के 148 सालों के इतिहास में ऐसा करने वाले वे मात्र दूसरे बल्लेबाज़ हैं। उनसे आगे सिर्फ महान डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 24 वर्ष की उम्र से पहले आठ बार 150+ रन बनाए थे। जायसवाल इस वर्ष के अंत में 24 वर्ष के होने वाले हैं और तब तक उनके पास कम से कम पांच पारियां खेलने का मौका होगा। ऐसे में ब्रैडमैन का रिकॉर्ड उनके निशाने पर है।

जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू करने वाले जायसवाल लगातार शानदार फॉर्म में रहे हैं और अपने डेब्यू के बाद से वह सबसे सफल भारतीय सलामी बल्लेबाज़ बन चुके हैं। उनके डेब्यू के बाद भारतीय ओपनर्स द्वारा लगाए गए कुल शतकों में से छह अकेले जायसवाल ने लगाए हैं, जबकि इसी अवधि में इंग्लैंड के बेन डकेट सिर्फ चार शतक लगा पाए हैं।

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भारत ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था। पारी की शुरुआत यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने की और दोनों ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़े। राहुल 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद साई सुदर्शन बल्लेबाजी के लिए उतरे और खराब फॉर्म को पीछे छोड़ते हुए 165 गेंदों पर 87 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। जायसवाल और सुदर्शन के बीच दूसरे विकेट के लिए 193 रनों की साझेदारी हुई, जिसने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। सुदर्शन भले ही अपने पहले टेस्ट शतक से चूक गए हों, लेकिन उनकी पारी टीम की नींव मजबूत करने में अहम साबित हुई।

यशस्वी जायसवाल अपनी पारियों को सिर्फ शतक पर नहीं छोड़ते बल्कि उन्हें बड़े स्कोर में बदलने की आदत के लिए जाने जाते हैं और दिल्ली टेस्ट में भी उनका यही अंदाज़ देखने को मिल रहा है। अगर उनका बल्ला इसी तरह चलता रहा तो आने वाले दिनों में कई और ऐतिहासिक रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहे हैं।

Shiv murti

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