उमेश हत्याकांड मामले में अब होगी CBI की एंट्री?बिल्डरों पर ईडी भी कसेगा शिकंजा

उमेश हत्याकांड मामले में अब होगी CBI की एंट्री?बिल्डरों पर ईडी भी कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड मामले में सीबीआई की एंट्री होने की संभावना पैदा हो गई है। दरअसल,बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल हत्याकांड का मामला सीबीआई देख रही थी और इस मामले में उमेश इकलौते चश्मदीद गवाह थे जिसे 24 फरवरी के दिन गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। उमेश पाल के साथ एक सुरक्षाकर्मी की भी इस दौरान हत्या की गई थी।

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वहीं, उमेश हत्याकांड में शामिल आरोपी अरबाज पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। हालांकि,बाकी आरोपी भागने में कामयाब रहे। मृतक अरबाज अतीक अहमद का करीबी के रूप में सामने आया। इस जानकारी के सामने आने के बाद मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो गई है। ईडी अतीक अहमद के मददगार बिल्डरों पर शिकंजा कसेगी साथ ही अतीक के परिवार को हर महीने मोटी रकम पहुंचाने वाले भी एजेंसी की रडार पर हैं।

अतीक के करीबियों के खिलाफ शुरू हुआ एक्शन
इस पूरे हत्याकांड मामले में योगी सरकार भी सख्त दिख रही है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी अतीक अहमद के करीबियों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने अवैध संपत्ति पर एक्शन लेते हुए बुलडोजर चलाया।

अतीक अहमद की अब तक 16 कंपनियों का चला पता
बता दें,अतीक अहमद पर साल 2021 में भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज हुआ था। अब तक की जांच में अतीक अहमद की कुल 16 कंपनियों का पता चला है। सूत्रों के मुताबिक,ज्यादातर कंपनियों का कारोबार रियल एस्टेट से संबंधित है। तीन कंपनियां शाइस्ता परवीन,पांच रिश्तेदारों के नाम से रजिस्टर्ड हैं तो वहीं आठ कंपनियां ऐसी हैं जिनके मालिकों के नाम स्पष्ट नहीं हैं।

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Shiv murti

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