नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले दो कर्मचारी, मौत को मात देकर सुनाई खौफनाक दास्तान

नौ दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले दो कर्मचारी, मौत को मात देकर सुनाई खौफनाक दास्तान

काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे दो कर्मचारियों को नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। संजय साह और कविर महर्जन को सुरंग से बाहर निकालने के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। लंबे समय तक अंधेरे और विपरीत परिस्थितियों में फंसे रहने के बाद दोनों का सुरक्षित बाहर आना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

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सुरंग से बाहर आने के बाद एक कर्मचारी ने अपने भयावह अनुभव को साझा करते हुए बताया कि बाढ़ के दिन पावर हाउस में करीब 40 से 45 लोग मौजूद थे। खतरे की चेतावनी मिलते ही उन्होंने सभी को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। उनका कहना था कि वे दूसरों को छोड़कर अकेले बाहर नहीं निकल सकते थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार से पानी सुरंग में घुस आया और बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए।

छह लोगों के साथ लगातार बने रहे संपर्क में

उन्होंने बताया कि सुरंग काफी लंबी थी और पानी भरने के बाद यह पता लगाना मुश्किल हो गया था कि कौन व्यक्ति किस स्थान पर फंसा है। उनके आसपास करीब छह लोग थे। वे लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे और हिम्मत बनाए रखने के लिए बातचीत करते रहे। राहत की बात यह रही कि उनके संपर्क में रहे सभी लोग सुरक्षित बताए गए।

बिना खाना-पानी के गुजारे नौ दिन

सुरंग के भीतर सबसे बड़ी चुनौती भोजन और पानी की कमी थी। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। कर्मचारी के मुताबिक, वे लगातार महामंत्र का जाप करते रहे और भगवान से सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना करते रहे। हर गुजरते दिन के साथ बाहर निकलने की उम्मीद कम होती जा रही थी, लेकिन उन्होंने हौसला बनाए रखा।

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बाहर निकलते ही लगा जैसे दूसरी जिंदगी मिली

नौ दिन बाद जब राहत दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला तो दोनों के लिए वह क्षण बेहद भावुक कर देने वाला था। कर्मचारी ने बताया कि कई दिनों तक अंधेरे और मौत के साये में रहने के बाद जब उन्होंने बाहर की दुनिया देखी तो ऐसा महसूस हुआ, मानो उन्हें दूसरी जिंदगी मिल गई हो।

परिजनों और राहतकर्मियों ने दोनों के सुरक्षित बाहर आने पर राहत की सांस ली। घटना ने बाढ़ और आपदा के बीच राहत एवं बचाव कार्यों की कठिन चुनौतियों को भी सामने ला दिया है।

Shiv murti

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