आगरा मेट्रो पर पेड़ों की रोक, निरीक्षण के बाद फैसला
आगरा (जनवार्ता)। आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के निर्माण में पेड़ों की कटाई बड़ी बाधा बन गई है। सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने फिलहाल यूपीएमआरसी को 523 पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी है। अब कमेटी की टीम आगरा पहुंचकर स्थल निरीक्षण करेगी, जिसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
यूपीएमआरसी आगरा में दो मेट्रो कॉरिडोर बना रहा है। पहला फतेहाबाद रोड से सिकंदरा तक और दूसरा आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित है। दूसरे कॉरिडोर के निर्माण के लिए निगम ने 523 पेड़ काटने की अनुमति मांगी है।
निगम का दावा है कि उसने कुल 533 पेड़ों को कटने से बचाया है। साथ ही 155 सजावटी पौधों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की अनुमति भी मांगी गई है। यूपीएमआरसी का कहना है कि अनुमति नहीं मिलने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
सीईसी ने 19 मई को मामले की सुनवाई की थी। समिति ने पहले स्थलीय निरीक्षण करने का निर्णय लिया है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिपूरक पौधारोपण और पहले काटे गए पेड़ों की जांच की मांग उठाई है।
बैठक में भरतपुर में 51 पेड़ काटने और मथुरा में कथित अवैध पेड़ कटान के मामलों पर भी चर्चा हुई। समिति ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट और अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है।


