अयोध्या के राजघाट पर श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन भीषण आग: पंडाल जलकर खाक, कोई जनहानि नहीं
अयोध्या (जनवार्ता)। रामनगरी अयोध्या के राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के निकट चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यज्ञशाला का बड़ा पंडाल जलकर राख हो गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में स्वामी जीयर जी महाराज के सानिध्य में यह सात या नौ दिवसीय महायज्ञ आयोजित किया जा रहा था। शनिवार को पूर्णाहुति की तैयारी चल रही थी, तभी अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। आग की लपटें देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और अधिकारी हड़बड़ा गए। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि पास की गौशाला भी आग की चपेट में आई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। दमकल कर्मियों ने तेजी से काम करते हुए आग पर काबू पा लिया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गोसाईगंज विधायक अभय सिंह उस समय मौके पर मौजूद थे। फिलहाल आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, यज्ञ की आहुतियों या पंडाल में लगे अस्थायी सामग्री (बांस, कपड़े आदि) से आग फैलने की संभावना है। प्रशासन ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस घटना में कोई बड़ी जनहानि या गंभीर हताहत नहीं हुई है। कुछ लोगों के हल्के झुलसने की खबरें आई हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लाखों रुपये का सामग्री नुकसान होने की आशंका है।
अयोध्या प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। राम मंदिर से करीब 800 मीटर दूर स्थित इस स्थल पर धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चर्चा पैदा कर दी है।

