लखनऊ पुलिस लाइन में वसूली के आरोपों पर कार्रवाई, दारोगा समेत 12 पुलिसकर्मी हटाए गए

लखनऊ पुलिस लाइन में वसूली के आरोपों पर कार्रवाई, दारोगा समेत 12 पुलिसकर्मी हटाए गए

लखनऊ (जनवार्ता)। पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद विभाग में पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। गणना कार्यालय में तैनात एक दारोगा, हेड कांस्टेबल सहित 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

rajeshswari


सिपाही सुनील शुक्ला ने सोशल मीडिया पर जारी चार वीडियो में आरोप लगाया था कि पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रत्येक सिपाही से हर महीने दो हजार रुपये की वसूली की जाती है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वसूली की रकम उच्च अधिकारियों तक पहुंचती है। वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।


मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। पुलिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि जांच समिति में पुलिस लाइन के पर्यवेक्षण से जुड़े अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है, ताकि जांच पारदर्शी ढंग से हो सके। बयान में यह भी कहा गया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सुनील शुक्ला ने अपने एक अन्य वीडियो में आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उनके परिवार को परेशान किया गया। उनका कहना था कि पुलिस उनके घर पहुंची और परिवार के सदस्यों पर दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें केवल पूछताछ में शामिल होने का नोटिस देने के लिए पुलिस भेजी गई थी।

इसे भी पढ़े   हनुमान मंदिर में लाउडस्पीकर विवाद के बाद हिंदू संगठनों ने किया सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ


सिपाही का मामला राजनीतिक रंग भी लेता दिखा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भी शुक्ला का वीडियो साझा करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वालों की लड़ाई

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *