26 घंटा में तीन हत्या कर दहशत फैलाने वाला साइको किलर मुठभेड़ में ढेर
दरियापुर के पास पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश में मारा गया एक्स आर्मी गुरप्रीत
डीडीयू नगर/चंदौली(जनवार्ता)। जिला में 26 घंटे के अंदर तीन लोगों की कनपटी पर गोली मारकर लोगों में दहशत फैलाने वाला पंजाब निवासी कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह को पुलिस मुठभेड़ मार गिराया।
अपराध की इस दुनिया में वैसे तो हजारों अपराधी पालते हैं लेकिन आज हम जिस अपराधी की बात करने जा रहे हैं दरअसल, वो कोई साधारण अपराधी नहीं है वो एक साइको किलर है। जी हाँ! गुरप्रीत सिंह वो “साइको किलर” जिसका नाम उत्तर प्रदेश के चंदौली और वाराणसी ज़िलों में आतंक का पर्याय बन गया था अब इतिहास बन चुका है। अलीनगर थाना क्षेत्र के दरियापुर में सोमवार देर शाम पुलिस और आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जिला अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मौके पर एसपी चंदौली आकाश पटेल समेत भारी पुलिस बल तैनात है।


जानकारी के अनुसार पुलिस आरोपी को वारदातों से जुड़े क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर और शरीर में लगी। मुठभेड़ में दो पुलिस जवान भी घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक हरियाणा के अंबाला निवासी गुरप्रीत सिंह ने वर्ष 2020 में आर्मी की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह विभिन्न स्थानों पर सिक्योरिटी गार्ड का काम करता रहा। उसके पास से लाइसेंसी रिवाल्वर और एक अवैध तमंचा बरामद हुआ था।

पहला कत्ल ट्रेन में
बता दें कि अपराधों का ये खतरनाक खेल रविवार सुबह लगभग 7:00 बजे शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक गाज़ीपुर का रहने वाला मंगरू कर्नाटक में अपनी नौकरी छोड़कर घर लौट रहा था। दरअसल, ये शख्स डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन से सफ़र कर रहा था। चंदौली में कुचमन स्टेशन के पास, गुरप्रीत और मंगरू के बीच किसी मामूली बात पर बहसबाजी हो गई। गुस्से में आकर गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर एक देसी पिस्तौल सटा दी और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं इस साइको किलर ने चलती ट्रेन से मंगरू की लाश फेंक दी और, जैसे ही ट्रेन ताजपुर गाँव के पास धीमी हुई, वो खुद भी उस ट्रेन से कूदकर भाग गया।
दूसरा कत्ल कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस में
वहीं उसके बाद गुरप्रीत लगभग 9 किलो मीटर पैदल चलकर व्यास नगर गाँव गया। यहाँ से वो कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस में चढ़ गया. वहीं दिर रविवार रात लगभग 2:00 बजे जब ट्रेन मुगलसराय के पास ब्लॉक हट-बी के पास धीमी हुई तो उसने एक और कत्ल को अंजाम दिया। दरअसल, बिहार के दिनेश साहू (42), जो अपनी पत्नी और परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे, वो टॉयलेट की तरफ गए. गुरप्रीत ने वहाँ भी ठीक वही तरीका अपनाया; उसने दिनेश के कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस अपराध के बाद, वो एक बार फिर ट्रेन से कूदकर भाग निकला।
तीसरा कत्ल अस्पातल में
सोमवार सुबह लगभग 8:30 बजे, गुरप्रीत चंदौली में अली नगर पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर स्थित जीवक अस्पताल पहुँचा। कपड़े से अपना चेहरा ढँककर, वह इलाज करवाने के बहाने अंदर घुस गया। अंदर, भभुआ (बिहार) की 55 वर्षीय लक्ष्मणा देवी एक मरीज़ के तौर पर भर्ती थीं. गुरप्रीत सीधे उनके बिस्तर के पास गया, जब वह सो रही थीं, तो उसने उनकी कनपटी पर पिस्तौल रखी और गोली चला दी। इस सनसनीखेज अपराध से पूरे अस्पताल में दहशत और अफरा-तफरी मच गई।
एक ही तरीके से लगातार तीन हत्याओं की वारदात ने पूरे पूर्वांचल में दहशत फैला दी थी। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि उसे “ऊपर से इंडिकेशन” मिलता था, जिसके बाद वह हत्या करता था। अब उसकी मौत के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम और उसकी मानसिक स्थिति की गहराई से जांच कर रही है।

