प्रेम संबंध में सास की हत्या, रोटी में जहर मिलाकर दी मौत
लखनऊ, (जनवार्ता) । राजधानी के काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव में 65 वर्षीय शांति देवी की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि उनकी बहू शालिनी (26) ने रोटी में कीटनाशक मिलाकर उन्हें जहर दिया, जिससे 24 घंटे के भीतर उनकी मौत हो गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी बहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।


पुलिस के मुताबिक, शालिनी का अपने सगे भांजे करन (20) से प्रेम संबंध था। करन इसी वर्ष जनवरी में इराक से लौटकर गांव आया था। गांव आने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। शुरुआत में रिश्तेदारी के कारण किसी को शक नहीं हुआ, लेकिन बाद में सास शांति देवी को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई। वह शालिनी को करन से मिलने और फोन पर बात करने से रोकती थीं। इसी बात से नाराज होकर शालिनी ने हत्या की साजिश रची।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने करीब 10 दिन पहले भी चाय में कीटनाशक मिलाकर शांति देवी को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह नाकाम रही। इसके बाद 5 अप्रैल को उसने आटे में कीटनाशक मिलाकर रोटियां बनाईं। शांति देवी ने डेढ़ रोटी खाई, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी और बेचैनी बढ़ने पर उन्हें पहले स्थानीय डॉक्टर और फिर अस्पताल ले जाया गया, जहां 6 अप्रैल को उनकी मौत हो गई।
मृतका के बेटे मनोज रावत ने बताया कि उनकी मां ने खाना खाते समय रोटी के कड़वे स्वाद की शिकायत की थी। मौत के बाद जब घर में पूछताछ हुई तो शालिनी हर बार बची हुई रोटी के बारे में अलग-अलग बातें बताने लगी। बाद में वही रोटी घर के अंदर पन्नी में लिपटी मिली, जिससे परिवार का शक और गहरा गया।
गांव में पंचायत के दौरान एक चचेरे भांजे ने बताया कि शालिनी ने उससे दो बार रुपए देकर कीटनाशक मंगवाया था। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर उसने करन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि पति को भी रास्ते से हटाने की योजना थी, ताकि दोनों साथ रह सकें।
घटना के बाद से करन फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद 11 अप्रैल को शांति देवी के शव को कब्र से निकलवाकर विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

