नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने सीएम योगी से की मुलाकात
लखनऊ (जनवार्ता)। ग्रैफीन की खोज के लिए 2010 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में लोहम कंपनी के फाउंडर एवं सीईओ रजत वर्मा तथा कंपनी के चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात भी मौजूद रहे।


मुलाकात के दौरान अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध सुरक्षित, स्थिर और तेज गति वाले माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. नोवोसेलोव, रजत वर्मा और आयुष सबात का राज्य में हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश हर निवेशक को सुरक्षा, स्थिरता और गति की गारंटी प्रदान करता है।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु उत्तर प्रदेश को एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाएं रही। खास तौर पर लोहम कंपनी द्वारा प्रदेश में पहले से स्थापित भारत की पहली इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ एलिमेंट टू मैग्नेट फैसिलिटी को और मजबूत करने तथा उसके विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह फैसिलिटी 2000 मीट्रिक टन की क्षमता वाली है और इसमें लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी, एयरोस्पेस, डिफेंस और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आवश्यक परमानेंट मैग्नेट्स का उत्पादन कर रही है। इससे भारत की 90 प्रतिशत से अधिक रेयर अर्थ मैग्नेट आयात निर्भरता को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
प्रो. कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के रूप में जुड़े हुए हैं। उन्होंने उन्नत 2डी मटेरियल्स, खासकर ग्रैफीन को बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में औद्योगिक स्तर पर लागू करने की अपनी विशेषज्ञता साझा की। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रैफीन जैसे 2डी मटेरियल्स के उपयोग से अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा और आयु में उल्लेखनीय सुधार करना है। साथ ही बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट्स के उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करना भी शामिल है, जिससे महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी संभव हो और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिले।
यह सहयोग मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के राष्ट्रीय विजन से पूरी तरह संरेखित है। लोहम पहले ही उत्तर प्रदेश में रेयर अर्थ मैग्नेट उत्पादन की इंटीग्रेटेड सुविधा संचालित कर रही है, जो देश की क्रिटिकल मिनरल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह मुलाकात उत्तर प्रदेश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन, निवेश और रोजगार सृजन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। राज्य सरकार की प्रगतिशील नीतियां और निवेशक-अनुकूल माहौल अब वैश्विक विशेषज्ञों तथा कंपनियों को तेजी से आकर्षित कर रहा है।

