मिर्जापुर : एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार
मिर्जापुर (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सदर तहसील में तैनात लेखपाल सत्येंद्र सिंह बघेल को जमीन की पैमाइश के काम के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

एंटी करप्शन के डीएसपी रमेश यादव के निर्देशन में टीम ने शिकायतकर्ता अजय यादव निवासी जिगना क्षेत्र की शिकायत पर यह कार्रवाई की। आरोपी लेखपाल सत्येंद्र बघेल पीड़ित से काम पूरा करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया और जैसे ही लेखपाल ने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के दौरान लेखपाल के सहयोगी परमेश्वर को भी मौके पर पकड़ा गया। पूरी घटना शुक्रवार दोपहर विंध्यवासिनी कॉलोनी क्षेत्र में हुई।
इस खबर के फैलते ही सदर तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने एंटी करप्शन टीम की इस मुस्तैदी की सराहना की है। आमतौर पर जमीनी विवादों और राजस्व संबंधी कामों में लेखपालों द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को देहात कोतवाली ले जाकर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस और एंटी करप्शन विभाग के अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं। जांच का दायरा यह देखने तक बढ़ाया गया है कि इस रिश्वतखोरी में तहसील के अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं।
इस घटना ने राजस्व विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सख्त चेतावनी का काम किया है। प्रशासन का भ्रष्टाचार के प्रति सख्त रवैया जारी रहेगा।

