सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता, 10 लाख की टप्पेबाजी के तीन शातिर अभियुक्त मुठभेड़ में गिरफ्तार, दो घायल
सोनभद्र (जनवार्ता)! रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में पिछले महीने हुई 10 लाख रुपये की सनसनीखेज टप्पेबाजी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। बीती रात पुलिस मुठभेड़ में गैंग के तीन मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, जिनमें से दो गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध देशी तमंचे, कारतूस और चोरी के 1.35 लाख रुपये बरामद किए हैं।


घटना 26 दिसंबर की है, जब सीएसडी इंफ्रा कंपनी के कैशियर प्रकाश द्विवेदी और चालक रविकांत बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा से 10 लाख रुपये निकालकर जा रहे थे। बैंक परिसर में ही अभियुक्तों ने वाहन का टायर पंचर कर दिया। रामलीला मैदान गेट के पास वाहन रुकने पर चालक टायर बदलने गया, इसी दौरान गैंग के बाल अपचारी ने कैशियर को भ्रमित कर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गया।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गठित टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि अभियुक्त चुर्क रेलवे स्टेशन के पास छिपे हैं। घेराबंदी के दौरान अभियुक्तों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में आत्मरक्षार्थ गोली चलाई गई। गैंग लीडर सुब्रमण्यम और बालामुर्गन (दोनों महाराष्ट्र के) पैर में गोली लगने से घायल हुए, जबकि रामू नायकर उर्फ रामू नायडू (तमिलनाडु) को सकुशल पकड़ा गया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अंतरराज्यीय गैंग के सदस्य हैं, जो बच्चों का उपयोग कर भीड़भाड़ वाले इलाकों में टप्पेबाजी करते हैं। गैंग की महिला सदस्य नंदिनी और दो बाल अपचारी गुरुवार को गिरफ्तार हो चुके हैं। चोरी की राशि को बैंक खातों में जमा करने की उनकी कार्यप्रणाली भी उजागर हुई है, जिसके चलते एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक में 8.55 लाख रुपये होल्ड कराए गए हैं।
अभियुक्तों का उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में लंबा आपराधिक इतिहास है। पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट सहित अतिरिक्त धाराएं जोड़ी हैं। अग्रिम जांच जारी है।

